देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माँ शाकम्भरी के दरबार में लगाई हाजिरी
उदयपुरवाटी (कैलाश बबेरवाल) क्षेत्र की प्रसिद्ध शक्तिपीठ सकराय धाम में श्री शाकम्भरी सेवादार परिवार की ओर से माँ शाकम्भरी का 27वां प्राकट्य महोत्सव अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
महंत दयानाथ महाराज के सानिध्य में शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ महंत दयानाथ महाराज के सानिध्य में हुआ।
श्री नाथ जी की गौशाला से भव्य शोभायात्रा एवं झांकियां निकाली गईं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं।
झांकियों और नृत्य नाटिकाओं ने मोहा मन
दिल्ली की राजकुमार एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिकाओं और
विभिन्न देवी-देवताओं की सजीव झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया।
देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माँ के दरबार में दर्शन कर खुशहाली की कामना की।
भजनों की गंगा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
भजन संध्या में प्रख्यात भजन सम्राट राकेश बावलिया ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
वहीं डूंडलोद विद्यापीठ की छात्राओं ने भक्तिमय गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं।
छात्राओं के उत्साहवर्धन हेतु मुंबई प्रवासी रमेश कुमार घासीलाल कानोड़िया द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया।
64 दिवसीय पैदल यात्रा का समापन
महोत्सव के दौरान श्री शाकम्भरी भक्त मंडल, कोलकाता के संदीप भोतिका के नेतृत्व में निकली 64 दिवसीय पैदल यात्रा का विधिवत समापन हुआ।
यात्रियों ने माँ के चरणों में निशान अर्पित कर धोक लगाई।
छप्पन भोग और महाप्रसादी
कार्यक्रम के अंत में माँ को छप्पन भोग अर्पित कर महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
देशभर से पहुंचे गणमान्य
इस भव्य आयोजन में
मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, रानीगंज, डूंडलोद सहित देश के विभिन्न शहरों से आए
नरेश भूत, महेश अग्रवाल, विवेक, मोहित, मुकेश मोदी, मनीष जालान, नेमीचंद सराफ, राजेश खेरिया, राजकुमार केडिया, विनोद अग्रवाल, अशोक भूत, हरफूल सिंह सहित
सैकड़ों श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।