सकराय धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में अर्पित की चुनरी
न्यूज़ हाइलाइट्स
- 17 किलोमीटर पैदल चलकर माता के दरबार पहुंची विशाल चुनरी यात्रा
- ढाई-ढाई किलोमीटर की दो चुनरी, कुल लंबाई 5 किलोमीटर
- राजस्थान सहित देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
- ड्रोन कैमरे से निगरानी, पुलिस जाप्ता रहा तैनात
- झांकियां, रथ, घोड़े और डीजे ने बढ़ाया भक्तिमय माहौल
उदयपुरवाटी,कैलाश बबेरवाल। झुंझुनू-सीकर जिले की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शाकंभरी के दरबार में शनिवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
उदयपुरवाटी की झुंझुनू रोड़ जमात में स्थित गणपति मैरिज गार्डन से प्रारंभ हुई विशाल चुनरी यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरी अरावली पर्वतमाला “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठी।
इस विशाल यात्रा का मुख्य आकर्षण रही 5 किलोमीटर लंबी चुनरी, जिसमें ढाई-ढाई किलोमीटर की दो चुनरियां शामिल थीं। श्रद्धालुओं ने इन चुनरियों को अपने हाथों में थामे हुए 17 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर मां शाकंभरी के दरबार में पहुंचकर श्रद्धापूर्वक अर्पित किया।
झांकियों और भक्ति संगीत ने बांधा समां
चुनरी यात्रा में देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियां, सजे-धजे रथ, घोड़े और डीजे की भक्तिमय धुनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाचते-गाते भक्तों और हाथों में चुनरी लिए महिलाओं की आस्था देखते ही बन रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
यात्रा के दौरान थानाधिकारी रामपाल मीणा पुलिस जाप्ते के साथ पूरे मार्ग पर मुस्तैद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की गई।
माता को अर्पित की चुनरी, लिया आशीर्वाद
शक्तिपीठ पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने मां रुद्राणी एवं मां ब्राह्मणी को चुनरी अर्पित कर दर्शन किए। मान्यता है कि मां शाकंभरी के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर में लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन भक्तों का उत्साह और श्रद्धा कम नहीं हुई।
गौ सेवा और सेवा भाव की मिसाल
यात्रा मार्ग में गौ सेवा समिति उपचार केंद्र के अध्यक्ष अमित जांगिड़ एवं बाबा अशोक सैनी के नेतृत्व में गौ रक्षा एवं सेवा कार्य किया गया।
श्री शाकंभरी कुटुंब परिवार के मूलचंद सैनी ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
गिरावड़ी गौशाला महंत पूर्णानंद महाराज, गीदाराम सैनी, प्रदीप सैनी, योगेश कुमार, महेंद्र कुमार, बाबा अशोक सैनी, अमित जांगिड़, सुनील तंवर, विकास योगी, शम्भू पोद्दार, बाबूलाल सैन (जयपुर), पवन अग्रवाल (अहमदाबाद), सुरेंद्र अग्रवाल (कानपुर) सहित हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल रहे।