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धर्मपाल गाँधी ने बताया कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता संसार को एकजुटता का संदेश देती है। कला और संस्कृति का आपसी रिश्ता काफी गहरा है। कला संस्कृति की प्रवक्ता होती है। कला के माध्यम से ही संस्कृति हमारे जीवन में अभिव्यक्ति पाती है। कला अपने सांस्कृतिक सरोकारों के साथ आगे बढ़ती है। इसकी अभिव्यक्ति कला के विविध रूपों (संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, स्थापत्य कला, सिनेमा, फोटोग्राफी, साहित्य आदि) में जीवंत होती है। संस्कृति को साथ लेकर चले बिना किसी भी देश का वास्तविक विकास संभव नहीं है। भारत एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला देश रहा है, जिसकी कीर्ति आज भी पूरे विश्व में अपनी संपूर्ण आभा के साथ विद्यमान है। भारतीय कला विश्व की अन्य कलाओं की अपेक्षा जो न केवल अधिक सामर्थ्यवान है बल्कि सबसे अधिक ख्याति प्राप्त भी है। हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाना है। आदर्श समाज समिति इंडिया की नवनियुक्त कला एवं संस्कृति विभाग की अध्यक्ष वैशाली गायकवाड़ से अपेक्षा की जा सकती है कि वे भारतीय कला एवं संस्कृति का प्रचार प्रसार करने के लिए विभिन्न प्रांतों का भ्रमण करने के साथ समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती रहेंगी। स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में भी कार्यक्रम आयोजित करती रहेंगी। आदर्श समाज समिति इंडिया परिवार इस मुहिम में उनके साथ रहेगा। वैशाली गायकवाड़ को कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाये जाने पर संस्थान के कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है।
