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सीकर, निरोगी राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान की 100 दिवसीय कार्य योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। चिकित्सा विभाग की ओर से आमजन को तम्बाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में नवनियुक्त सीएचओ का आमुखीकरण किया जा रहा है। ताकि वे सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को तम्बाकू सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से अवगत करवाकर उनको तम्बाकू व नशो की लत छुड़वाए। इसके तहत सोमवार को कूदन ब्लॉक में राज्य सरकार की 100 दिवसीय कार्य योजना तथा आईडीएसपी, एनसीडी] टीबी मुक्त राजस्थान] आयुष्मान भारत आदि का नव नियुक्त सीएचओ को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान के तहत की जाने वाली स्कूल गतिविधियां व कोटपा एक्ट की जानकारी दी गई। बीसीएमओ डॉ जगदीश ओला ने सीएचओ ग्राम स्तर पर की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत पर स्कूलों में वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करवाकर एक होनहार विद्यार्थी का चयन किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में चयनित किए विद्यार्थियों को ब्लॉक स्तर पर वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बुलाया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक स्तर की वाद विवाद प्रतियोगिता में से दो होनहार विद्यार्थियों का चयन कर जिला स्तर पर भेजा जाएगा और जिला स्तर से एक प्रतिभागी का चयन पर राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थिति स्कूलों में वाद विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को नशा व तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ अम्बिका प्रसाद व एफसीएलओ मुकेश सैनी ने आईडीएसपी] एनसीडी आदि की जानकारी।
