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आज झुंझुनू जिला मुख्यालय पर दो अलग-अलग मामलों में लोग धरने पर बैठे। परिसीमन को लेकर ग्राम ठिंचौली व आर्य नगर के ग्राम वासी ग्राम पंचायत सिलारपुरी से हटाकर अपने पुरानी ग्राम पंचायत घरड़ानाखुर्द से जोड़ने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे।ग्राम वासियो द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया।रामचंद्र कुलहरि जिला सचिव कम्युनिष्ट पार्टी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित ग्राम पंचायत सिलारपुरी से आर्यनगर सड़क मार्ग से 12 किलोमीटर है तथा बंद प्रायउबड़ खाबड़ रास्ते में गाड़ियों का आवागमन नहीं है ठीचौली सिलारपुरी से सड़क मार्ग से 10 किलोमीटर है तथा कच्चा रास्ता आवागमन के योग्य नहीं है। प्रस्तावित ग्राम पंचायत से जोडे जा रहे ग्रामो की सीमाएं आपस में मिलती नहीं है। प्रस्तावित ग्राम पंचायत सिलारपुरी की सीमा चनाना ग्राम पंचायत की सीमा से शुरू होती है तथा गाड़ाखेड़ा की सीमा पर खत्म होती है यह ग्राम पंचायत 20 किलोमीटर लम्बी है जो की अव्यहारिक है। ग्रामीणों ने बताया कि घरड़ाना खुर्द की सन 2011 में जनसंख्या 5440 है जो 6000 से भी कम होने के कारण ग्राम पंचायत के फेरबदल की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते पंचायतों का परिसीमन किया जा रहा है जिसके कारण से जनता की दुख और तकलीफ बढ़ रही हैं। इन सभी तथ्यों कोध्यान में रखकर ग्राम ठीचौली और आर्य नगर को पुरानी ग्राम पंचायत से ही जोड़ने की मांग की गई है वहीं दूसरे मामले में डॉ अनिल खीचड़ के नेतृत्व में आज युवा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे। डॉ अनिल खीचड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर की समस्याओं को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की गई है। तीन बार पहले प्रशासन को शहर की समस्याओं से अवगत करा चुके हैं इसको लेकरआक्रोश रैली भी निकाली जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि एलएनटी द्वारा सीवरेज के प्रोजेक्ट में पूरे शहर को खोदडाला गया है। पुराने शहर में पीने के पानी की समस्या देखी जा रही है। तीन नंबर रोड पर कटी हुई कालोनियों में बारिश के पानी की निकासी की समस्या विकराल रूप धारण की हुई है। शहर में पायस दूध के बूथों को पुन चालू कराने एवं शहर में ढीले पड़े बिजली के तारों को सही करवानेकि मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। गौरतलब है कि संकेत दुल्ल्ड़ एवं अनिल राहड़ भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
