Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
चूरू, भालेरी रोड स्थित बगड़िया गैस एजेंसी के गोदाम में आग लगने से जान-मान की क्षति होने की सूचना पर मंगलवार को हुई मॉक ड्रिल में प्रशासन व पुलिस की मुस्तैदी साफ नजर आई। सूचना मिलने के पंद्रह मिनट के भीतर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने वाली सभी महत्वपूर्ण टीमें और संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। जिला कलक्टर संदेश नायक और पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल के निर्देशन में हुए इस आंतरिक सुरक्षा अभ्यास में दोपहर 3.32 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना मिली कि भालेरी रोड स्थित गैस गोदाम में सिलेंडरों में आग लगने से जान-माल की क्षति हुई है। सूचना मिलते ही सबसे पहले आपणी सखी वैन और कोतवाली थाना की गाड़ी मॉक ड्रिल स्थल पर पहुंची। फिर पंद्रह मिनट के भीतर नगर परिषद की दमकल, पुलिस, एंबुलैंस और प्रशासन की टीमों ने वहां पहुंंचकर मुस्तैदी दिखाई। गैस एजेंसी द्वारा वहां लगाए गए अग्निशमन सिलेंडर खराब स्थिति में पाए गए। टीमों के पास आवश्यक उपकरणों की कुछ कमी पाई गई लेकिन अधिकारी मुस्तैद मिले। जिला कलक्टर संदेश नायक ने पुलिस व प्रशासन के रिस्पांस टाइम पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि मॉक ड्रिल ने यह प्रूव किया है कि जिले की पुलिस व प्रशासन किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम हैं। जिला कलक्टर ने इस दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेजर में सुधार करने, सिविल डिफेंस टीम को सक्रिय करने तथा मॉक ड्रिल में सामने आई कमियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीम का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऎसी घटनाओं के समय रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण चीज है तथा हमें सदैव यह देखना चाहिए कि हम इसमें और बेहतर कैसे कर सकते हैं। जिला कलक्टर ने कहा कि कहा कि हादसे कभी भी और कहीं भी हो सकते हैं। हमें उसके लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। आज सभी लोगों ने अच्छा रिस्पांस दिखाया जो बेहतर बात है। इसके बाद बाद जिला कलक्टर संदेश नायक पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल व अन्य अधिकारियों के साथ राजकीय डीबी जनरल जिला अस्पताल पहुंचे और आपातकालीन परिस्थितियाेंं में वहां की व्यवस्थाओं के संबंध में जायजा लिया। उन्होंने यहां आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, सर्जिकल वार्ड एवं आईसीयू की व्यवस्थाएं देखीं। डॉ एफएच गौरी ने बताया कि सूचना मिलते ही आपातकालीन कक्ष से एंबुलैंस टीम को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन को कॉल किया गया जिस पर डॉ गोविंद बसेरवाल, डॉ जेपी चौधरी, डॉ प्रदीप कस्वां, डॉ मनीराम डूडी आदि चिकित्सक तत्काल आपातकालीन कक्ष पहुंचे। इस दौरान एसपी यादराम फांसल, एसडीएम श्वेता कोचर, डीवाईएसपी सुखविंद्रपाल सिंह, कोतवाली थानाधिकारी नरेश कुमार, कमिश्नर बीएल सोनी सहित प्रशासन और पुलिस से जुड़े अधिकारीगण मौजूद थे।
