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झुंझुनू, जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में मंगलवार को मदरसा शिक्षा सहयोगियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 125 शिक्षा सहयोगियों ने भाग लिया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मो. अनीश द्वारा कार्यशाला के उद्देश्यों यथा-अल्पसंख्यक विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, मदरसों में नामांकन वृद्धि के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ उनके आधुनिकीकरण को बढावा देने पर जोर दिया गया। मदरसों में नामांकन वृद्धि के लिए जरूरी कदम अठाने, मदरसों के बाहर आवश्यक साईन बोर्ड लगाने मदरसों में शिक्षा के स्तर को सुधारने तथा उनके जरूरी कागजात तैयार करने जैसे-भूमि पंजीकरण के लिए निर्देश दिये गये। साथ ही किसी भी शिक्षा सहयोगी के अध्यापन कार्य में कोताही बरतने पर आवश्यक कार्यवाही की बात भी कही गई। छात्र-छात्राओं को गुणवता युक्त भोजन के लिए सभी मदरसों को मीड-डे-मील योजना शुरू करने के निर्देश भी दिए और किसी भी मदरसें के इस योजना से वंचित न रहने के सख्त निर्देश दिये गए। मदरसों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए जरूरी प्रस्ताव भेजने के लिए भी कहा। दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस जाकिर खान ने कहा की किसी भी समाज का आईना शिक्षा है शिक्षा के बिना कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकता और हमें शिक्षा को बहुत मजबूती के साथ पकड़ना है। उन्होनें कहा कि हम जागरूक लोगों को जिम्मेदारी लेनी होगी तभी समाज शिक्षा की ओर बढ़ेगा। अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में अल्पसंख्यक समाज में कार्य करने की बहुत बड़ी आवश्यकता है।
