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झुंझुनू, राजस्थान हाईकोर्ट ने सूरजगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत घण्डावा के राशन डीलर के प्राधिकार पत्र( लाईसेंस) के निरस्तीकरण आदेश पर रोक लगाते हुए जिला कलेक्टर व रसद अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले के अनुसार ग्राम पंचायत घण्डावा के राशन डीलर सत्यनारायण ने एडवोकेट संजय महला के जरिये याचिका दायर कर जिला कलेक्टर व रसद अधिकारी के आदेशों को चुनौती दी जिनके द्वारा प्रार्थी का प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) निरस्त कर दिया था। याचिका में बताया गया कि प्रार्थी वर्ष 2005 से सरकार द्वारा नियमानुसार जारी प्राधिकार पत्र के तहत बिना किसी शिकायत के दुकान को संचालित करता आ रहा है किंतु कोविड काल के दौरान गाँव के सरपंच ने राजनैतिक कारणों व अपने निजी हित साधने के उद्देश्य से कुछ ग्रामीणों से झूठी शिकायतें जिला रसद अधिकारी को भेजी। प्रार्थी ने रसद अधिकारी द्वारा भेजे नोटिस दिनांक 28 दिसम्बर 2021 का जवाब देकर आरोप झूठे बताए। बहस में एडवोकेट संजय महला ने कहा कि मामले में उचित विधि अनुसार कार्यवाही ना होकर पहले उसके लाइसेंस का निलम्बन किया गया फिर कलेक्टर ने प्रार्थी द्वारा दायर अपील को दिनांक 30 मई 2022 को खारिज कर दी। तत्पश्चात जिला रसद अधिकारी झुंझुनूं ने 7 जून के आदेश से प्रवर्तन निरीक्षक की जांच रिपोर्ट को आधार मानकर लाईसेंस निरस्त कर दिया। याचिका में बताया गया कि सारे आरोप बेबुनियाद व झूठे है। कुछ शिकायतकर्ताओ ने भी कथन किया है कि राशन डीलर से उन्हें कोई शिकायत नही है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश महेन्द्र कुमार गोयल ने याचिका में विवादास्पद आदेशो के अवलोकन के बाद लाइसेंस निरस्तीकरण आदेश दिनांक 7 जून 2022 पर रोक लगाते हुए जिला कलेक्टर झुंझुनूं व रसद अधिकारी को नोटिस जारी कर पांच सप्ताह में जवाब मांगा है।
