Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारम्भ मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अहमदाबाद में किया गया, जिसका सीधा प्रसारण तथा जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय मुकुन्द सेवा सदन में किया गया। इस अवसर पर जिला कलक्टर रवि जैन ने कहा कि असंगठित कामगारों की रोजगार संबंधी कठिनाईयों और अनिश्चित प्रकृति को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई है। योजना के माध्यम से श्रमिकों व उनके परिवार को लाभ मिलेगा। मंडावा विधायक नरेन्द्र कुमार ने कहा कि यह योजना असंगठित कामगारों की वृद्धावस्था की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि वे इस योजना के बारे में सभी पात्र लोगों को बताएं, जिससे अधिकाधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। जिला श्रम कल्याण अधिकारी अरूणा शर्मा ने बताया कि इस योजना के रजिस्ट्रेशन में झुंझुनू जिला राज्य में उच्च स्थान पर है। उन्होंने बताया कि आज 50 लाभार्थियों का पंजीकरण कर उन्हें कार्ड दिए गए। ईपीएफओ के सहायक आयुक्त सुरेन्द्र कुमार, ईएसआईसी के संदीप कुमार, आईएमओ डॉ. अनित काजला ने योजना के लाभों की विस्तार से जानकारी दी। -यह है योजना- इस योजना के लिए व्यक्ति की आयु 18 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा उसकी मासिक आय 15 हजार या इससे कम होनी चाहिए। इच्छुक व्यक्ति संगठित क्षेत्र में कार्यरत या ईपीएफ, एनपीएस, ईएसआईसी के सदस्य तथा आयकरदाता नहीं हो। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए व्यक्ति के पास स्वयं का आधार कार्ड एवं बचत, जन-धन खाता होना आवश्यक है। यह स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसके तहत पेंशन धारकों को 60 वर्ष की आयु होने के बाद न्यूनतम 3 हजार प्रति माह की निश्चित पेंशन मिलेगी और यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी, उसके पति या पत्नी को पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा। पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी के लिए लागू है। योजना की अधिक जानकारी श्रम कार्यालय, एलआईसी के सभी शाखा कार्यालय, ईएसआईसी, ईपीएफओ के कार्यालय सुविधा केन्द्र से प्राप्त की जा सकती है।
