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भारत और पाकिस्तान के कारगिल युद्ध में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले व कारगिल के महानायक नाम से अपनी पहचान देशभर में बनाने वाले ब्रिगेडियर अजीत सिंह आज एक दिन के दौरे पर झुंझुनू के एक छोटे से गांव धनुरी में आये। ब्रिगेडियर अजीत सिंह ने झुंझुनू के इस धनुरी गांव की शहीद वीरांगनाओं के एक सम्मान समारोह में शिरकत कर शहीद वीरांगनाओं का सम्मान किया। गौरतलब है कि झुंझुनू जिले का यह छोटा सा गांव धनुरी जो जिले में ही नहीं बल्कि यु कहे के प्रदेश स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए हैं क्योंकि इस छोटे से गांव ने ही सत्तरा शहीद देश को दिए हैं जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया और यही नहीं गांव के हर घर से एक फौजी देश में अपनी सेवाएं दे रहा है इस गांव की बस्ती लगभग कायमखानी समाज से भरी हुई है और गांव का हर युवा देश सेवा का जज्बा रखता है गांव का हर युवा आर्मी में नेवी में एयरफोर्स में जाने की ख्वाहिश रखता है। ब्रिगेडियर अजीत सिंह ने आज गांव में ही आयोजित एक सम्मान समारोह में शिरकत की जिसमें गांव की शहीद वीरांगना ओं का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। वहीं ब्रिगेडियर ने गांव के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह छोटा सा गांव जिसने देश को इतने शहीद दिए हैं यह गांव छोटा नहीं है बल्कि बहुत बड़ा है इसका दिल बहुत बड़ा है। ब्रिगेडियर अजीत सिंह ने बताया कि हमने गुजरात के राजकोट में बहुत बड़ा एनसीसी कैंप भी शुरू कर रखा है और एक और मुहिम हम शुरू कर रहे हैं गांव से गांव की ओर इस मुहिम में हम लोग गांव में जाएंगे और गांव के युवाओं को देश की आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के बारे में जानकारी देंगे और उन्हें प्रेरित कर के देश सेवा का जज्बा उनके दिलों में पैदा करेंगे ताकि वह ज्यादा से ज्यादा युवा इन सेनाओं में जाकर देश सेवा कर सके।
