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पाक की नापाक हरकत अभी भी बंद नहीं हुई है, लगता है उसने आंतकवाद के भस्मासुर से भस्म होने का पूरा मन बना लिया है। जिस प्रकार राक्षस दैवीय शक्तियों के हाथो मौत पाकर मुक्ति चाहते थे इसी प्रकार पकिस्तान ने भी सोच लिया है कि वह देव भूमि भारत से इतना बैर मोल लेगा कि उसको हमेशा हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाये। जिसके कारण वह आतंक के राक्षसो को बार बार भेज कर भारत पर हमला करवा रहा हैं। रविवार को एक बार फिर उसने भारत के जवानो से भिड़ने की हिमाकत कर ली जिसमे हमारे झुंझुनू जिले के सपूत ने माँ भारती के चरणों में अपनी भेट चढ़ा दी। जी हा हमारे खेतड़ी के टिबा गांव का लाडला श्योराम पुलवामा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हो गया। गांव में जिसकी सूचना पहुंच चुकी है अभी परिजनों को यह सूचना नहीं दी गई है। लेकिन गांव में शहीद होने की सूचना से पूरा गांव शोकमग्न है। शादी ब्याह के जो मंगल गीत गाए जा रहे थे वह भी बंद कर दिए गए हैं। शहीद जवान 55 आरआर कंपनी में कश्मीर के पुलवामा में तैनात था। रविवार रात को आतंकवादियों से चली मुठभेड़ में मेजर सहित चार जवान शहीद हुए थे। उनमें से टिब्बा गांव के श्योराम सिराधना भी शहीद हो गए। शहीद के पिता बालूराम की पहले मौत हो चुकी है। माता शारली देवी, वीरांगना सरिता देवी व एक बच्चा 5 साल का जो एलकेजी में पढ़ाई कर रहा है।
