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रमजान उल मुबारक महीने के तीसरे जुम्मे पर शुक्रवार को मुस्लमान भाइयों ने खुदा की बारगाह में एक साथ सजदा किया। यहां शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद सहित तमाम मस्जिदों में हजारों मुस्लमान भाईयों ने जुम्मे की नमाज अदा की। इस मौके पर जामा मस्जिद के पेस इमाम हाफिज मोहम्मद इब्राहिम ने देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने की अल्लाताला से दुआ की। रोजेदारों ने मस्जिदों में सिर झुकाकर नफरत और दूरियों को खत्म करने व अमन चैन की दुआ मांगी। मुख्य नमाज जामा मस्जिद में अदा की गई। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। जामा मस्जिद में दोपहर एक बजे से ही नामाजियों की कतार लगनी शुरू हो गई। रमजान के महिने में कुरान की तिलावत करने से रोजे का शवाब बढ़ जाता है। इसी शवाब को हासिल करने के लिए मस्जिदों में रोजेदारों की संख्या पहले जुम्मे को काफी अधिक रही। मस्जिदों में सुबह से नवाज की तैयारियां शुरू हो गई, जो जुमतुल बिदा की नवाज के समय तक चलती रही। ईदगाह स्थित जामा मस्जिद परिसर तो नवाज शुरू होने से पूर्व ही ठसाठस भर गया। बाद में आए नवाजियों को सडक़ पर बैठकर ही नवाज अदा करनी पड़ी।
