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झुंझुनूं, राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य महेश गोयल सोमवार को झुंझुनूं आए। उन्होंने यहाँ कलेक्ट्रेट में जिले में लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले से संबंधित मानव अधिकार आयोग के लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से चर्चा की गई, जो निस्तारण योग्य प्रकरण थे, उनको निस्तारित किया गया। अन्य के संबंध में दिशा निर्देश दिए। गोयल ने कहा कि आयोग में प्रति वर्ष 7 हजार प्रकरण आते हैं, जिनका निस्तारण करने के प्रयास किये जाते हैं और लोगों को राहत पहुचाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को मानव अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की ओर से अगर पीड़ित के प्रकरण में मानव अधिकारों का हनन होता है, तो उसके विरुद्ध भी एक्शन लिया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परिवादी की समस्याएं सुने एवं उनके निस्तारण के प्रयास करें तथा मानव अधिकारों का हनन ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि दो-तीन साल में जिस प्रकार आयोग में प्रकरणों की संख्या बढ़ी है, इससे यह साफ झलकता है कि लोगों में मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक मुदुल कच्छावा एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर जगदीश प्रसाद गौड़ सहित जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके बाद उन्होंने पिलानी में भी निरीक्षण किया।
