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राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा निरंतर पाठ्यपुस्तकों में किये जा रहे बदलाव के विरोध में शुक्रवार को भाजपा ने जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम का ज्ञापन दिया। भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता सुबह डाक बंगले के पास एकत्र होकर कलेक्ट्रेट पर शिक्षा के साथ खिलवाड़ करने के विरोध में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंचे। कलेक्ट्रेट में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर को दिया। भाजपा की ओर से दिये गये ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार वीर सावरकर, महाराणा प्रताप व जौहर को लेकर पाठ्यपुस्तकों में अपमानजनक शब्दों के साथ बदलाव कर रही है। राजस्थान ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारत के मान सम्मान व स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का काम कांग्रेस सरकार द्वारा कुत्सिक प्रयास किया जा रहा है। वीर सावरकर वो महापुरूष थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और दो बार काला पानी की सजा यातनाएं सहते हुए जेलों में काटी थी। राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा वीर सावरकर को अंग्रेजों से माफी मांगने वाला बताकर देश के महान क्रांतिकारी का घोर अपमान किया है। वहीं कांग्रेस सरकार ने राजस्थान की आन-बान-शान के प्रतिक महाराणा प्रताप के शौर्य का भी अपमान किया है। पाठ्यक्रम में सही जानकारी नहीं देकर राजस्थान के लाखों बच्चों के भविष्य को अंधकार मय बनाने का कार्य कांग्रेस सरकार द्वारा किया जा रहा है। भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा इसका पुरजोर विरोध करते हुए निंदा करती है और इन महापुरूषों के अपमान को राजस्थान की जनता सहन नहीं करेगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार पाठ्यक्रमों में किसी भी प्रकार का बदलाव करेगी तो राज्य की जनता सडक़ों पर उतरेगी। इस दौरान जिला प्रमुख अर्पणा रोलन, सोहन बड़ोदिया, राजकुमार जोशी, रमेश जलधारी, जितेंद्र सिंह कारंगा, ओमप्रकाश बिजारणियां सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
