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प्रशासन की पहली कार्रवाई: विवादित रास्तों की सूची तैयार
जिला कलेक्टर रामावतार मीणा ने बताया कि उपखंड स्तर, जिला स्तर व राज्य सरकार को प्राप्त परिवादों को सूचीबद्ध कर अधिकारियों को सौंपा गया है। ये अधिकारी आपसी समझाइश व कानूनी प्रक्रिया के तहत रास्तों को खोलने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
“अभियान से झुंझुनूं जिले में सैंकड़ों लोगों को राहत मिलेगी। वर्षों से बंद रास्ते अब फिर से खुलेंगे।”
— रामावतार मीणा, जिला कलेक्टर, झुंझुनूं
इस अभियान में राजस्व रिकार्ड में दर्ज वे सार्वजनिक रास्ते, जिनके बंद होने से बड़ी संख्या में काश्तकार या ग्रामवासी प्रभावित हैं, ऐसे प्रचलित रास्ते, जिनका उपयोग ढाणियों में रहने वाले लोग करते हैं और जो अवरुद्ध हो चुके हैं व ऐसे रास्ते जो राजस्व रिकॉर्ड में चौड़े दर्ज रास्ते, जो मौके पर केवल पगडंडी के रूप में अस्तित्व में हैं,उन्हें वास्तविक चौड़ाई में पुनः निर्मित करवाने, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 251 के तहत निर्णीत रास्ते, जिनका क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ है और साथ ही जिन रास्तों का रिकॉर्ड में अंकन नहीं हुआ है, उनका भी अभियान के दौरान सर्वेक्षण कर रिकॉर्ड में दर्ज करने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान से झुंझुनूं में सैंकड़ों की संख्या में रास्तों का विवाद निपटेगा और बंद पड़े रास्ते भी खुलेंगे।
