Archive Notice: This article was originally published on 3 अक्टूबर 2025.
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क्यों दिया जा रहा है छूट

बता दे कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में जो भी पूंजीगत लागत होती है उनमें से भूमि का हिस्सा 10 से 15% तक होता है वही अफसर का कहना है कि यदि निवेश जमीन में ज्यादा होगा तो इसका असर प्रोजेक्ट पर पड़ता है।

राजस्थान को बनाया जाएगा इन्वेस्टमेंट हब

दिल्ली मुंबई के जैसे अब राजस्थान को भी इन्वेस्टमेंट हब बनाने की तैयारी की जा रही है। राज्य में अन्य राज्यों के तुलना में बड़ा भूखंड उपलब्ध है जो मेगा प्रोजेक्ट और बड़े उद्योग लगाने में फायदेमंद साबित होगा। ग्लोबल समिट जैसे आयोजन और प्रत्यक्ष भूमि आवंटन नीति से निवेशकों को आसान प्रक्रियाओं का लाभ मिलेगा इसके साथ ही राज्य में रोजगार की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

3000 वर्गमीटर तक के भूखंडों की दर वही रहेगी, जो रिजर्व प्राइस फिक्सेशन कमेटी पहले से तयकरती रही है।2- 3000 से 10,000 वर्गमीटर तक के भू-खंडों पर रिजर्व दर 10 प्रतिशत कम होगी।3- 10 से 40 हजार वर्गमीटर तक के भू-खंडों पर 15 प्रतिशत की कमी।4- 1 से 2 लाख वर्गमीटर तक के भू- खंडों पर 30 फीसदी की रियायत दी जाएगी।5- 40 हजार से 1 लाख वर्गमीटर तक के भू-खंडों की रिजर्व दर 20 प्रतिशत कम रहेगी।6- 2 लाख वर्गमीटर से अधिक के भू-खंडों की रिजर्व दर 40 प्रतिशत तक घटेगी।

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