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प्राथमिक निर्देश:
बैठक में ई-फाइलों का समयबद्ध निपटारा, बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन और जनसुनवाई प्रकरणों की तेजी से जांच पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने कहा कि:
“मुख्यमंत्री जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों के उत्तर 5 दिवस में भेजे जाएं और गूगल शीट में एआरडी विभाग को अपडेट किया जाए।”
इन विभागों की हुई समीक्षा:
- पीएचईडी, एवीएनएल, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,
- कृषि, सहकारिता, नगर परिषद, श्रम, पशुपालन आदि।
कम प्रगति वाले विभागों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए गए।
गर्मी और लू से राहत के उपाय
- चिकित्सा संस्थानों में दवाओं व संसाधनों की व्यवस्था के निर्देश
- पेयजल संकट को देखते हुए पाटन, नीमकाथाना व दांतारामगढ़ में टैंकरों से जल आपूर्ति
- विद्युत विभाग को ट्रांसफॉर्मर व कुसुम योजना में तेजी लाने को कहा गया
पशु व कृषि से जुड़ी योजनाएं
- दोपहर 12 बजे बाद पशुओं से श्रम निषेध
- पशुओं के पीने के पानी की समुचित व्यवस्था
- कृषि विभाग को खाद्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया
नगर परिषद को मानसून पूर्व तैयारी के निर्देश
- नालों की सफाई सुनिश्चित करें
- खुले नाले व चैम्बर नहीं छोड़े जाएं
लाइट्स पोर्टल और आयोगों पर भी नजर
अतिरिक्त जिला कलेक्टर भावना शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय, लाइट्स पोर्टल व आयोगों के लंबित प्रकरणों पर समयबद्ध निस्तारण का निर्देश दिया।
उपस्थित अधिकारी:
बैठक में सीईओ जिला परिषद राजपाल यादव, यूआईटी सचिव जेपी गौड़, सीएमएचओ डॉ. अशोक महरिया, विद्युत अधीक्षण अभियंता अरुण जोशी, पशुपालन निदेशक डॉ. दीपक अग्रवाल सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
