Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
आज शुक्रवार को अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार विरोधी जिला संघर्ष समिति द्वारा जिला कलेक्टर को एवं जिला पुलिस अधीक्षक झुंझुनू को दो अलग-अलग ज्ञापन सौपे गए। मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में राजस्थान में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वर्ग पर हो रहे अत्याचारों के संबंध में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई है। जिसके अंतर्गत गांव सोनपालसर कांड सरदारशहर जिला चुरू में एक अनुसूचित युवक की पुलिस कस्टडी में मृत्यु और उसी परिवार की एक महिला पर अमानवीय शारीरिक और मानसिक दुराचार के संबंध में करवाई की मांग तथा मृतक की बेवा को 25 लाख की सहायता एवं एक को सरकारी नौकरी की मांग की गई है. वहीं इसी में ग्राम छापर बस स्टैंड पर लगी भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को दुबारा खंडित करने वाले दोषियों के लिए सजा की मांग एवं जो गवाह है उनको जान से मारने की धमकी से सुरक्षा प्रदान करने की मांग जिला कलेक्टर से की गई है। वहीं दूसरे ज्ञापन में जिला पुलिस अधीक्षक से झुंझुनू जिले के चार आपराधिक अनुसूचित जाति की घटनाओं में कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें खेतड़ी घर में घुसकर दबंगों द्वारा मारपीट व जानलेवा हमले दूसरा गांव निजामपुरा ओजटू के निकेश मेघवाल हत्याकांड प्रकरण तीसरा सविता मेघवाल श्यालु के अपहरण एवं दुष्कर्म मामले में चौथा गांव सांगा की पूनम को मानसिक उत्पीड़न पर आत्महत्या प्रकरण के संदर्भ में उचित कार्रवाई करने की मांग जिला पुलिस अधीक्षक से की गई है।
