Archive Notice: This article was originally published on 12 नवम्बर 2025.
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सोने की तरह चांदी रखने को लेकर कोई निश्चित सीमा नहीं रखी गई है। आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार आप अपने घर में किसी भी मात्रा में चांदी रख सकते हैं। लेकिन शर्त यह है कि चांदी कानूनी तरीके से खरीदी गई हो या फिर विरासत में मिली हों।

रसीद और बिल रखना है जरूरी

चांदी खरीदते समय बिल या रसीद सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। विभाग या जांच के दौरान अगर आप चांदी का प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाते हैं तो यह अघोषित संपत्ति मानी जाएगी और आपको टैक्स या जुर्माना देना होगा।

आप अगर चांदी ETF या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो भी आपको टैक्स के नियमों का पालन करना होगा। हालांकि इन निवेशों के फायदे हैं डिजिटल रिकॉर्ड के कारण निलेश को ट्रैक करना और प्रमाणित करना काफी आसान हो जाता है। जब भी आप अपने घर में चांदी रखे तो उससे जुड़ा रशीद और प्रूफ जरूर रखें वरना आपकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ जाएगी।

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