जयपुर,फतेहगढ़ में फर्जी बिजली तंत्र के जरिए लाखों यूनिट बिजली चोरी का संगठित मामला सामने आने के बाद डिस्कॉम ने बड़ी कार्रवाई की है।
जोधपुर डिस्कॉम और सतर्कता पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पूरा अवैध तंत्र ध्वस्त करते हुए बिजली चोरी में संलिप्त डिस्कॉम अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।
उच्चस्तरीय टीम की गठित कर हुई जांच
डिस्कॉम्स की अध्यक्ष सुश्री आरती डोगरा और जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई।
टीम में—
- अधिशासी अभियंता (आरडीएसएस) बाड़मेर
- सहायक अभियंता (सतर्कता) बाड़मेर
- एफटीपीएस थानाधिकारी बाड़मेर
शामिल थे। टीम ने फतेहगढ़ क्षेत्र में सात कृषि कनेक्शनों की गहन जांच की।
सभी कनेक्शनों पर मिली बिजली चोरी
जांच में सभी कनेक्शनों पर अवैध उपयोग और बिजली चोरी की पुष्टि हुई।
कार्रवाई के दौरान—
- अवैध ट्रांसफॉर्मर हटाकर जब्त किए गए
- अवैध तारों व विद्युत ढांचों को ध्वस्त किया गया
- उपभोक्ताओं को चिन्हित कर रिपोर्ट सतर्कता शाखा को भेजी गई
चार अधिकारी-कर्मचारी संदिग्ध, तीन गिरफ्तार
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन डिस्कॉम कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई—
संदिग्ध पाए गए अधिकारी
- सुनील मूलचंदानी – अधिशासी अभियंता (सतर्कता), जैसलमेर
- अमित मीणा – सहायक अभियंता (पावर), फतेहगढ़
- राजकुमार मीणा – सहायक राजस्व अधिकारी, फतेहगढ़
- हरीश जयपाल – कनिष्ठ अभियंता, फतेहगढ़
गिरफ्तार किए गए अधिकारी
28 नवंबर 2025 को तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया—
- अमित मीणा (वर्तमान मुख्यालय: सिरोही)
- राजकुमार मीणा (वर्तमान मुख्यालय: चुरू)
- हरीश जयपाल (वर्तमान मुख्यालय: फलौदी)
उन्हें विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 व 150 के तहत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पीसी रिमांड लिया जाएगा।
डिस्कॉम की नीति—’जीरो टॉलरेंस’
जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ने कहा—
“बिजली चोरी, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति विभाग का रुख बिल्कुल स्पष्ट है—शून्य सहनशीलता। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता हित, पारदर्शिता और तंत्र की विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है।