Onion Price In Mandi : किसानो को अगर फसल के उचित दाम ना मिले तो उनकी 6 महीने कि मेहनत बेकार हो जाती है। ऐसा ही अब किसानों के साथ घटित हो रहा है। जब उन्हें प्याज के दाम रुला रहे है। बता दे कि जिले की लाल प्याज के भाव इस बार कम होने की वजह से किसानों को भारी नुकसान देखा जा रहा है, जहां पिछले साल प्याज के भाव 22 सौ रु मण यानी 40 kg रहे थे लेकिन इस बार ब्याज के भाव 200 से 500रु मण का भाव चल रहा है . इसी वजह से किसानों का प्याज मंडियों में रुलता हुआ नजर आ रहा है।
लागत भी नहीं हो रही है पूरी
जानकारी के लिए बता दे कि प्याज के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है खेत से प्याज मंडी में लाने का खर्च और लागत भी नहीं निकल पा रही है , जिससे किसानों में निराशा है . यहां तक कि अनेकों किसानों ने तो प्याज के भाव कम होने के चलते फसल को खेत में ही नष्ट कर दिया या इधर उधर नदी नालों में फेंक आएOnion Price .
निर्यात पर रोक लगने से कीमतें हुई धाड़ाम
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि राजस्थान के अलवर जिले में किसानों को प्याज की फसल से अच्छे मुनाफे की उम्मीद रहती है , अलवर की प्याज की मांग देश के अलग अलग राज्यों में हमेशा रहती है हालांकि इस बार प्याज के निर्यात पर रोक लगने से प्याज यही रुक गई और भाव नहीं बढ़ पाए , इसके अलावा पिछले दिनों हुई बारिश से प्याज में गलन और नमी रही जिससे दूसरे राज्यों के व्यापारियों ने जल्द खराब होने के डर से अलवर की प्याज नहीं खरीदी।
सैनी ने बताया महाराष्ट्र और एमपी में प्याज का स्टॉक होता है और वो आउट ऑफ सीजन में बिकती है वैसे महाराष्ट्र और एमपी की प्याज भी बिकने के लिए बहार जाती है लेकिन इस बार निर्यात पर रोक है , वही इस बार अलवर की प्याज में शुरुआत में रोग की शिकायत थी जिसके चलते यहां प्याज का भाव दो रु से आठ रु तक प्याज बेचने को किसान मजबूर रहा जिससे उसकी लागत भी नहीं निकल रही .Onion Price
500 से 1000 करोड़ के नुकसान का अनुमान
सैनी ने बताया अलवर जिले में 64 हजार हेक्टेयर भूमि यानी ढाई लाख बीघा पर प्याज लगी , जिसमें एक लाख परिवार इससे प्रभावित हुए है , जिले में 500 से 1000 करोड़ का नुकसान किसानों को हुआ है , दूसरे राज्यों में सरकार मानती है अगर एक बीघा में 50 हजार रु खर्च आता है और मिल रहा है 15 हजार तो सरकार किसानों की पूर्ति कर रही है लेकिन हमारे यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही .