मुख्यमंत्री के निर्देश पर भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति लागू
जयपुर, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बीते सप्ताह अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 फार्मा स्टोर के खिलाफ कठोर निर्णय लिया है।
4 फार्मा स्टोर पर FIR, 2 योजना से निलंबित
विभाग की कार्रवाई में—
- 4 फार्मा स्टोर पर एफआईआर दर्ज
- 2 फार्मा स्टोर को आरजीएचएस योजना से निलंबित किया गया है
इसके अलावा, गलत तरीके से भुगतान उठाने और पर्चियों में छेड़छाड़ जैसे मामलों को गंभीरता से लिया गया है।
27 लाख रुपये का फर्जी भुगतान उजागर
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि
भीलवाड़ा के हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर और सावरिया फार्मा स्टोर ने ऐसी दवाओं व इंजेक्शन का भुगतान उठाया, जिन्हें उन्होंने खरीदा ही नहीं।
इन स्टोरों द्वारा करीब 27 लाख रुपये का फर्जी भुगतान लिया गया।
दोनों मामलों में ड्रग लाइसेंस निरस्त कर एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
नागौर और बीकानेर-हनुमानगढ़ में भी कार्रवाई
- कॉनफेड फार्मा स्टोर रेन व जायल (नागौर) पर पर्चियों में हेरफेर का आरोप
- कॉनफेड फार्मा शॉप नंबर 06 (बीकानेर) और
शॉप नंबर 05 (हनुमानगढ़) को आरजीएचएस योजना से निलंबित किया गया
14 कार्मिक निलंबित, 19 लाभार्थियों पर रिकवरी
अतिरिक्त सीईओ निधि पटेल के अनुसार
- 14 कार्मिकों को निलंबित किया गया
- 19 कार्डधारियों के खिलाफ रिकवरी और विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र जारी
- पूर्व में ऐसे मामलों में 54 कार्मिक निलंबित हो चुके हैं
सरकार की स्पष्ट चेतावनी
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा
“आरजीएचएस जैसी जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के लिए सरकार की नीति जीरो टोलरेंस की है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।”
तकनीकी नवाचार से होगा सिस्टम और मजबूत
विभाग ने बताया कि योजना में तकनीकी सुधार और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई हो सके।