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मूलरूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं
सीकर [प्रदीप सैनी ] ब्रिटेन आम चुनाव 2019 में राजस्थान के कुलदीप सिंह शेखावत की भूमिका पर सबकी नजर है। ब्रिटेन नेशनल इलेक्शन में 12 दिसम्बर 2019 को मतदान होगा और 13 दिसम्बर को नतीजे आएंगे। ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी-यूनाइटेड किंगडम (OFBJP) के अध्यक्ष कुलदीप सिंह शेखावत इस बार के ब्रिटेन चुनाव में अपने संगठन के जरिए 48 सीटों की हार-जीत के समीकरण बदल सकते हैं। OFBJP ने वर्ष 2019 के ब्रिटेन चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी के समर्थन का फैसला किया है। इससे लेबर पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिटेन के नेशनल इलेक्शन में ऐसा पहली बार हो रहा है जब ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी ने किसी पार्टी के लिए खुला समर्थन दिया है। यूके की 48 सीटों पर लेबर पार्टी को झटका देने के लिए सियासी समीकरण बिठाए जा रहे हैं।
-लेबर पार्टी की खिलाफत की वजह
खबर के मुताबिक OFBJP के अध्यक्ष कुलदीप सिंह शेखावत मूलरूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं। ब्रिटेन चुनाव 2019 में लेबर पार्टी की खिलाफत करने पीछे शेखावत कई कारण भी गिनाते हैं। उनके अनुसार गत 15 अगस्त और 3 सितंबर को लंदन में भारत के खिलाफ हिंसक आंदोलन हुआ, जिसमें लेबर पार्टी के भी कुछ सांसद शामिल थे। इसके अलावा किसी भी लेबर सांसद ने कश्मीर पर हाउस ऑफ कॉमन्स में भारत के पक्ष में कुछ नहीं बोला। तीसरी वजह ये है कि उनकी पार्टी में कश्मीर पर लेबर मोशन के कारण सम्मेलन भी है।
-पांच साल में तीसरी बार चुनाव
बता दें कि पांच साल में तीसरी बार इंग्लैंड में आम चुनाव होने जा रहे हैं। वर्ष 1923 के बाद ये पहला मौका होगा जब ब्रिटेन में दिसबंर में चुनाव होंगे। इंग्लैंड की दोनों प्रमुख पार्टियां कंजर्वेटिव पार्टी और लेबर पार्टी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन 200 साल तक भारत पर राज करने वाले अंग्रेजों की सियासत को इस बार एक राजस्थानी सपूत बदलने जा रहा है। कई दूसरे भारतीय संगठन भी खुलकर कुलदीप सिंह के समर्थन में आ गए हैं।
-लेबर पार्टी को अपना स्टैंड बदलना पड़ा
भारतीय समुदाय के बढ़ते विरोध के बाद लेबर पार्टी को अपना स्टैंड बदलना पड़ा है। पार्टी की नेशनल पार्टी फोरम ने अपनी राष्ट्रीय रिपोर्ट-2019 जारी की है, जिसमें इस बात का उल्लेख किया है कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है। जबकि 25 सितंबर 2019 को लेबर पार्टी ने पार्टी कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और संयुक्त राष्ट्र के रेफरेंडम की मांग की थी।
-ब्रिटेन में 10 लाख से ज्यादा भारतीय
इंग्लैंड में रहने वाले विदेशी मूल के लोगों में एक बहुत बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। ब्रिटेन में 10 लाख से ज्यादा भारतीय मूल के लोग रहते हैं, इंग्लैंड की संसद की 48 सीटों पर भारतीय वोटर्स अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी और लेबर पार्टी के बीच 2017 के आम चुनाव में सिर्फ 56 सीटों की हार जीत का अंतर था। ऐसे में अगर इन 48 सीटों का परिणाम भारतीय समुदाय ने बदल दिया तो संसद का पूरा समीकरण ही बदल जाएगा।
