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सीकर, सांसी समाज के प्रदेशाध्यक्ष सवाई सिंह मालावात ने राज्य की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को एक ज्ञापन भिजवाकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा डीएनटी समाज के बेरोजगार युवक-युवतियों को बेरोजगारी भत्ता दिलवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के इन बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ कर रही है और बेरोजगार युवक-युवतियां इधर-उधर भटक रहे है तथा राज्य के नियोजन कार्यालयों में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन युवक-युवतियों को स्नातक एवं स्नातकोतर तथा बीएड या बीएसटीसी के दौरान छात्रावृति मिली है तो ऐसे युवक-युवतियों को पे-मैनेजर की तकनीकि खामी के कारण राज्य के हजारों युवक-युवतियों को बेरोजगारी भते से वंचित क्यों किया जा रहा है। उन्होंने नियोजन मंत्री डाॅं जसंवत सिंह यादव को भी पत्र लिखकर मांग की है कि वे राज्य सरकार को निर्देश प्रदान करें कि ऐसे युवक-युवतियों को बेरोजगारी भते से वंचित नहीं करके, उन्हें जब से बेरोजगार युवक-युवतियों ने राज्य के जिला नियोजन कार्यालयों में अपना आवेदन आॅनलाईन प्रस्तुत किया है उस तिथी से उन्हें बेरोजगारी भता स्वीकृत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि अध्ययन काल के दौरान छात्रावृति प्राप्त करना अलग बात है और बेरोजगारी भता दिया जाना अलग चीज है और बेरोजगारी भता प्राप्त करना हर युवक – युवतियों का हक है। सरकार इस तकनीकी खामी को समझ कर पे-मैनेजर की तकनीकी खामी को दूर करे और बेरोजगार युवक-युवतियों को अविलम्ब बकाया बेरोजगारी भते के भुगतान की कार्रवाही राज्य के सभी जिलो में नियोजन कार्यालयों के माध्यम से करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने सरकार को चेताया है कि अगर शीघ्र ही बेरोजगारी भता स्वीकृत नहीं किया गया तो राजस्थान हाई कोर्ट में इस मामले को पेश किया जाएगा।
