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राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने की बानगी रविवार को दांतारामगढ़ विधानसभा क्षे़त्र के मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में देखने को मिली। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजश्री योजना के बारे में लाभार्थी से जानकारी ली तो आभावास गांव की ललिता ने बताया कि बेटी के होने पर जितनी खुशी हुई। बाद में बेटी को पढ़ाने की चिंता भी सताई। हालांकि इसी बीच राजश्री योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 25 सौ रूपए व बेटी के एक वर्ष की होने पर 25 सौ रूपये की दूसरी किश्त भी ऑनलाइन प्राप्त हुई। मैडम मेरी सभी चिंता दूर हो गई। अब सरकार बेटी के कॉलेज तक जाने के लिए 50 हजार रूपए बेटी को देगी। इस पर मुख्यमंत्री ने किश्त किस तरह मिली इसके बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने ऎसे करीब दस से ज्यादा लाभार्थियों से बातचीत की तो सब ने सरकार की राजश्री योजना की जमकर तारीफ की। -पत्नी के उपचार के लिए पैसे नहीं थे, बीएसबीवाई बनी सहारा सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में लाभार्थियों से जानकारी ली तो पुरोहितों की ढाणी के रिछपाल ने बताया कि पत्नी के उपचार के लिए रा6िा नहीं थी। पित की थैली के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में राशि देने के लिए कई बार उधार लेने की भी सोची। बाद में राज्य सरकार की भामाशाह बीमा योजना के बारे में जानकारी मिली तो निजी चिकित्सालय में उपचार करवाया तो भामाशाह बीमा योजना में ऑपरेशन पूरी तरह से निशुल्क हुआ। राज्य सरकार की इस योजना ने गरीबों को उपचार के लिए पूरा सहारा दिया है। -अब मोहित का नहीं भरेगा दम, दौड़ में रहेगा अव्वल अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि राज्य सरकार की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को मिले निशुल्क उपचार के कारण अब मोहित दूसरे बच्चों की तरह दौड़ पाएगा। मुख्यमंत्री ने आरबीएसके तहत हुए निशुल्क उपचार वाले बच्चों से बातचीत की तो एक बच्चे ने बताया कि पहले वह दौड़ता था तो दम भरने लगता था। बाद में ऑपरेशन हुआ तो वह दौड़ता है तो कोई परेशानी नहीं होती हैं। बच्चे के परिजनों ने बताया कि बच्चे का पूरा ऑपरेशन पूरी तरह से निशुल्क हुआ है। मुख्यमंत्री ने ऎसे दस बच्चों के साथ मिलकर उत्साहवर्धन किया। साथ ही सभी बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाया तो बच्चों के चेहरे खिल गए।
