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लोसल, धोद थाने इलाके के बिज्यासी गांव मेंं बुधवार को पति पत्नी द्वारा घर के कमरे मेंंं फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला समाने आया है। धोद थाने के एसएसआई बंशीधर ने बताया कि बिज्यासी गांव में पति-पत्नी द्वारा आत्महत्या करने की सूचना मिली थी जिस पर पुलिस की टीम ने गांव में जाकर देखा तो दोनो अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर झूल रहे थे। दोनो के शवो को नीचे उतारकर लोसल सीएचसी लाया गया और शवों को मोर्चरी में रखवाया। मौके पर पहुंचे धोद एसडीएम राजपाल यादव की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया तथा परिजनो को सांैप दिया। जानकारी के अनुसार दोनो की शादी करीब 6 माह पूर्व ही हुई थी और दोनो में किसी प्रकार कोई विवाद भी नहीं था। अचानक हुए इस घटनाक्रम क्रम के बाद परिवार के लोग सदमें में है तथा गांव में सन्नाटा सा पसरा हुआ है। धोद पुलिस द्वारा मृतको के शवो का पोस्टमार्टम करवाने के लिए लोसल सीएचसी लाया गया लेकिन सीएचसी में मौजूद चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। बिज्यासी सरपंच जितेन्द्र सिंह ने बताया कि चिकित्सको ने मामला अपने क्षैत्र का नहीं होने को कहकर पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया जिसकी जानकारी धोद एसडीएम राजपाल यादव सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने चिकित्सको से वार्ता कर पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनो को सौंप दिया। सरपंच ने बताया कि धोद अस्पताल में मोर्चरी नही होने से काफी समस्या होती है जबकि तहसील कार्यालय व थाना धोद में है। अगर धोद में मोर्चरी की सुविधा मिल जाये तो प्रशासन सहित सभी को राहत मिलेगी। लोगो से मिली जानकारी के अनुसार गणेश व पूजा दोनो रात को करीब 9 बजे अपने कमरे मे सोने के लिए चले गये थे। सुबह हमेशा जल्दी उठने वाले सुबह 9 बजे तक कमरे से बाहर नही आये तो गणेश की मां ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला और आवाज भी नहीं तो घर के पीछे से जाकर देखा तो दोनो फांसी के फंदे पर झूल रहे थे। दोनो ने फंदा पूजा की साड़ी से बनाया था।
