Archive Notice: This article was originally published on 14 नवम्बर 2019.
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टायर पंचर का काम कर जुटाई डांस क्लास के लिए रकम

फतेहपुर [बाबूलाल सैनी ] नींद हो न हो, आंखों में ख्वाब जरूरी होते है, चांद को छूने के लिए, ख्याल जरूरी होते है! किसी कवि की यह पंक्तियां फतेहपुर के दो भाइयों पर सटीक बैठती है। शादी पार्टियों में डांस करते करते डांसिंग का ऐसा जुनून चढ़ा की फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। जुनून ऐसा था कि सारे हालातों को भी अपनी ओर मोड़ लिया। खुद ने टायर पंचर बनाने का काम किया व छोटे भाई को भी डांस सिखाया। छह माह की मेहनत के बाद दोनों भाई स्टार प्लस के रियलटी शो डांस प्लस में टॉप 30 में जगह बनाने में कामयाब हो गए। अब रविवार को फैसला होगा कि वह टॉप 16 में पहुचेंगे या नहीं। जानकारी के अनुसार कस्बे के वार्ड 21 निवासी शाकीर व रेहान की कहानी किसी फिल्मी कहानी के जैसी ही हैं। जानकारी के अनुसार के अनुसार शाकीर पिछले कई वर्षों से डांस कर रहा हैं। उसके साथ ही उसके चाचा का बेटा रेहान भी डांस करने लग गया। सीकर में हुए एक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर रेहान के हौसलों ने उड़ान भरी। हाजी वजीर खान शिक्षण संस्थान में पढ़ाई के दौरान उसने डांस को अपना शोक बना लिया। पढ़ाई की परवाह किये बिना वह डांस में लग गया। शाकीर व रेहान ने मुम्बई में तीन महीनों के लिए डांस क्लास जॉइन की। उसके बाद डांस प्लस के ऑडिशन्स देकर उसमें जगह पाई। टॉप 30 में जगह मिलने के बाद घर पर खुशी का माहौल तो है लेकिन घर वालो को यह भी नही पता कि बेटे किस मुकाम पर पंहुचे हैं।
-पिछले 2 सालों से ही डांस कर रहा है रेहान
रेहान के पिता मुबारिक अली विदेश रहते हैं। बड़े भाई शाकीर को डांस करते देख रेहान के भी डांस की ललक लग गई। पहले शादी पार्टी में डांस किया। उसके बाद पीछे मुड़ कर नही देखा। शाकीर ने डांस सिखाया तो स्कूल से लेकर कई जगहों पर डांस में प्रथम स्थान प्राप्त किया। करीब छह माह पहले डांस सीखने के लिए मुम्बई गए। वहा पर एकेडमी जॉइन की।
-टायर पंचर का काम करता था शाकीर
शाकीर को डांस का बचपन से शौक था। उसने खुद ने अलग अलग जगह देख कर खुद से डांस सिखा। पिता की तबियत खराब होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी भी शाकीर के कंधों पर आ गई। वह सीकर में टायर पंचर बनाने का काम करता था। लेकिन उसके दिमाग मे सिर्फ डांस ही था। मुम्बई जाके भी संघर्ष किया। शाकीर के पापा टायर पंचर की दुकान चलाकर शाकीर को पैसे भेज रहे थे। शाकीर ने बताया कि मुम्बई में भी उसके लिए संघर्ष कम नही था।
-चार राउंड किये पूरे अब पांचवे राउंड के बाद होगा फैसला
शाकीर से बातचीत करते हुए बताया कि डांस प्लस 5 के लिए जयपुर में ऑडिशन दिया। इसके बाद तीन ऑडिशन मुंबई में दिए। तीन ऑडिशन पास करने के बाद डांस प्लस की ओर से ही रहने खाने की व्यवस्था की गई। अब पूरे पांच राउंड हो गए। सारे राउंड के बाद टॉप 30 में शाकीर व रेहान की जोड़ी पहुचीं। रविवार को टॉप 16 का चयन होगा।
टीवी पर कैसे आते हैं यह सीखने के लिए आया मुम्बई
शाकीर ने बताया कि उसे डांस का हद से ज्यादा शौक हैं। वह अक्सर रियलिटी शो देखता था तो सोचता था कि टीवी पर कैसे पहुचा जाए। टीवी पर जाने का तरीका सीखने के लिए वह मुम्बई आया था। मुम्बई आने के बाद उसने कई ऑडिशन दिए। लेकिन पास नहीं होने पर उसने डांस अकेडमी जॉइन की।

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