Archive Notice: This article was originally published on 14 जून 2018.
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 जम्मू कश्मीर के सांबा सैक्टर की चमलियाल पोेस्ट पर तैनात शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल में एएसआई रामनिवास यादव की गुरूवार को प्रातः उनके पैतृक गांव बाला वाली ढ़ाणी डाबला नीमकाथाना में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अन्त्येष्टी की गई। यादव के बडे बेटे संदीप ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर सांसद सुमेधान्द सरस्वती, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, पूर्व विधायक रमेश खण्डेलवाल, जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ,पुलिस अधीक्षक विनित कुमार,  बीएसएफ के डिप्टी कमांण्डेट जे.डी. मीणा, सुबेदार मेजर आशुतोष, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी नीमकाथाना सुरेन्द्र सिंह, पीएस जाट सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने शहीद की पार्थिक देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित किये। सांसद सुमेधानंद सरस्वती एवं राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर ने मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की ओर से प्रेषित संवेदना संदेश को शहीद के बेटे संदीप एवं भतीजे हरिसिंह को दिया। उन्होंने बेटे संदीप को ढ़ांढस बंधाते हुए कहा कि जिम्मेदारी के साथ परिवार को संभालना है और विश्वास दिलाया कि केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से जो सुविधाएं मिलती है उसे दिया जाएगा। गमगीन माहौल में जनप्रतिनिधियों, उपखंड अधिकारी जगदीश गोड,़ तहसीलदार सरदारसिंह गिल, उपपुलिस अधीक्षक दिनेश यादव, नीमकाथाना के सैनिक कल्याण अधिकारी सुरेन्द्रसिंह सहित बडी संख्या में उपस्थित रिश्तेदार,  परिवारजनों, ग्रामवासी लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे गांव एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी शहीद के लिए दुकानें बंद कर उनके पैतृक गांव में उमड़ पड़े। सीमा सुरक्षा बल के वाहन में शहीद रामनिवास का पार्थिव देह आई तो उनके बेटे, पत्नी, बेटी, मां, परिवार वाले, रिश्तेदार, भाई-बहन, चाचा-चाची, बड़े-बुर्जुग आदि ने रो-रो कर बुरा हाल कर लिया, परिवारजनों ने सामाजिक परम्पराएं निभाई।
उल्लेखनीय है कि शहीद रामनिवास यादव का जन्म 1966 में हुआ था। वे वर्ष 1988 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। रामनिवास यादव जम्मू कश्मीर के रामगढ़ सैक्टर में 62 बटालियन बीएसएफ की डेल्टा कम्पनी में एएसआई पद पर तैनात था। वे सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हो गये। शहीद की पार्थिक देह तिरंगे झण्डे में लिपटी जब उनके पैतृक गांव बालावाली ड़ाणी में पहुंची तो हजारों की संख्या मेें उपस्थित नागरिकों ने शहीद के सम्मान में शहीद रामनिवास अमर रहे एवं जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक रामनिवास तेरा नाम रहेगा“ भारत माता की जय-जय जैसे गगनभेदी जयघोष के साथ नारे लगाये। शहीद रामनिवास के परिवार में शहीद वीरांगना भगवती देवी, एक पुत्र जो भारत- तिब्बत सीमा सुरक्षा बल में पद स्थापित है, एक पुत्री सुमन स्नातकोत्तर में अध्ययनरत हैं। शहीद की माता जीवित हैं व पिता का स्वर्गवास हो चुका हैं। अन्त्येष्टी से पूर्व बीएसएफ के जवानों ने अपने शस्त्र उल्टे कर तथा हवा में 3-3 राउण्ड गोली चलाकर शहीद को श्रृदांजली अर्पित की।

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