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सैनिक कल्याण र्बोड के अध्यक्ष राज्य मंत्री प्रेम सिंह बाजौर ने सोमवार को दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शहीदों का सम्मान यात्रा के दौरान रानौली, पलसाना, गोर्वधनपुरा, लामिया, गोपीनाथपुरा, गुरावड़ी, बासड़ी, खण्डेलसर आदि गावों में शहीद परिवारों के घर जाकर पर परिजनों का शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उन्हें ढ़ांढ़स बंधाया। सम्मान यात्रा में त्रिलोकपुरा गांव में 1962 में चीन युद्ध के दौरान शहीद हुए जतनसिंह के भाई प्रेमसिंह का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। मौके पर शहीद के भाई ने गांव में शहीद की र्मूति लगवाने, गांव को पंचायत मुख्यालय से जोड़ऩे के लिए सडक़ बनाने और विद्यालय का नामकरण शहीद के नाम से करने की मांग की, तो बाजौर ने कहा कि 1999 के बाद जो शहीद हुए उनको तो वाजपेयी सरकार ने बहुत कुछ सम्मान दिया है। लेकिन इससे पहले शहीद हुए सैनिकों का तो उनके परिवारजनों, ग्रामीणों को ही पता नहीं कि अपने गांव में भी कोई शहीद हुआ था उन्हें तरासने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सैनिक कल्याण अधिकारी से कहा कि शहीदों के परिजनों से कोई भी कागज मिले उसकी पूरी जांच पड़ताल करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने शहीदों को तरासने, शहीदों को सम्मान देने के लिए ही सरकार ने ये यात्रा शुरू की है उसी के अनुरूप सभी शहीदों के घर जाकर उनका सम्मान किया जा रहा है। साथ ही यात्रा के दौरान शहीदों के परिवारों की समस्या सुनकर उनका समाधान भी किया जा रहा है। शहीद परिजनों की समस्याएं है उनको लेकर एक प्रार्थना-पत्र मौके पर ही सैनिक कल्याण अधिकारी को दिया। सैनिक कल्याण अधिकारी को जल्द ही समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये। उन्होंने परिवाजनों को विश्वास दिलाया कि गांव में जल्द ही शहीद की र्मूति भी लगा दी जायेगी। बाजौर ने कहा कि शहीदों के सम्मान में जितना कुछ किया जाए कम है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दिया है उनके लिए तो मन करता है अपना सब कुछ उनके नाम कर दूं। सम्मान यात्रा में राज्यसभा सांसद मदनलाल सैनी, माटी कला र्बोड के अध्यक्ष हरीश कुमावत, सेना के कर्नल जगदेवसिंह चौधरी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सागरमल सैनी, प्रधान अशोक जाखड़, कृषि मंडी अध्यक्ष प्रभूसिंह गोगावास, गजानन्द कुमावत, नन्दलाल बिजारनियां, पूर्व सदस्य आरपीएसी हरिकिशन खीचड,़ राजेश चेजारा, रूपसिंह शेखावत, ममतासिंह निठारवाल, मूलसिंह अलोदा, ओमप्रकाश खर्रा, सहित क्षेत्रों के ग्रामवासी मौजूद रहे।
