Archive notice This article was published on 02 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

सीकर शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से प्रतिबंधित प्लास्टिक का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया।

प्लास्टिक पर्यावरण संरक्षण अभियान और मिशन लाइफ के तहत राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर परिषद सीकर की संयुक्त टीम ने शहर में सघन जांच अभियान चलाया।

KIA शोरूम के पास गोदाम पर छापा

संयुक्त टीम ने जयपुर रोड स्थित KIA शोरूम के पास एक बड़े गोदाम पर छापेमारी की।

निरीक्षण के दौरान वहां भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग और सिंगल यूज प्लास्टिक का भंडारण पाया गया, जो राज्य सरकार के नियमों का उल्लंघन था।

5000 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने करीब 5000 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री जब्त की।

जांच में सामने आया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का भंडारण और बिक्री दोनों की जा रही थी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल जब्ती की कार्रवाई की।

50 हजार रुपये का जुर्माना

नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जिला कलेक्टर के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई जिला कलेक्टर आशीष मोदी के नेतृत्व एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की क्षेत्रीय अधिकारी सविता के मार्गदर्शन में की गई।

अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग और कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

“अभियान आगे भी जारी रहेगा”

नगर परिषद के वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर परिषद एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा नियमित निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिए की अपील

आयुक्त शर्मा ने व्यापारियों से प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की।

साथ ही आमजन से कपड़े, जूट और अन्य पर्यावरण-अनुकूल थैलों का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि सीकर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण हितैषी शहर बनाया जा सके।

कई विभागों की टीम रही शामिल

इस कार्रवाई में कनिष्ठ अभियंता सुरेंद्र गोदारा, सहायक कर्मचारी सुरेश मिठारवाल, कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता ओजस्व कड़वासरा, कुलदीप (सूचना सहायक) सहित प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

प्रशासन की दो टूक चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और वितरण पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।