Archive notice This article was published on 02 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत जिला कलेक्टर आशीष मोदी के निर्देशानुसार नगर परिषद सीकर ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया।

मंगलवार को नगर परिषद की टीम ने जयपुर रोड, रीको तिराहा, सर्किट हाउस मार्ग और बाईपास क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टरों को हटाया।

ग्रीन बेल्ट क्षेत्र से हटाए गए अवैध विज्ञापन

अभियान के दौरान ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में लगे ऐसे होर्डिंग और प्रचार सामग्री को हटाया गया जो दृश्य प्रदूषण फैला रहे थे और शहर की सुंदरता को प्रभावित कर रहे थे।

नगर परिषद की टीम ने सार्वजनिक स्थलों पर लगे अवैध विज्ञापनों को हटाकर क्षेत्र को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया।

दुकानदारों और शोरूम संचालकों को दी चेतावनी

कार्रवाई के दौरान संबंधित दुकानदारों और शोरूम संचालकों को भविष्य में बिना अनुमति होर्डिंग, बैनर और पोस्टर नहीं लगाने के निर्देश दिए गए।

उन्हें सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और सौंदर्य बनाए रखने के लिए भी पाबंद किया गया।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि शहर की मुख्य सड़कों, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से लगाए गए विज्ञापनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

“स्वच्छ सर्वेक्षण जनआंदोलन है” – शशिकांत शर्मा

नगर परिषद के वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने का जनआंदोलन है।

उन्होंने कहा कि शहर की सुंदरता और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नागरिकों से सहयोग की अपील

वरिष्ठ आयुक्त ने आमजन, व्यापारियों और संस्थानों से नगर परिषद के अभियानों में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अनधिकृत होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाने से बचें तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

स्वच्छ और आदर्श शहर बनाने की पहल

नगर परिषद का उद्देश्य सीकर को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श शहर के रूप में विकसित करना है।

स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत चल रहे ऐसे अभियान शहर के सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण और नागरिक जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।