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शहर की सडक़ों पर शुक्रवार को मैया के भक्तों ने गुलाल अबीर उड़ाकर मां के जयकारों के साथ आकाश गूंजायमान कर दिया। हर शोभायात्रा के साथ चल रही भजन मण्डली ने वातावरण में भक्ति का रस घोल दिया। दुर्गापूजा महोत्सवों का मूर्ति विसर्जन के साथ समापन हो गया। मूर्ति विसर्जन से पूर्व शहर में मां दुर्गा की विशाल शोभायात्राएं निकाली गयी जिससे पूरा शहर मां दुर्गा के रंग में रंग गया। नवरात्री के समापन पर सुबह कन्याओं को भोजन कराया गया। दशमी शुक्रवार पर शहर के बड़ा तालाब, शाकंभरी आदि स्थानों पर मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। अनेक स्थानों पर शोभायात्रा भी निकाली गई। शहर की अनेक दुर्गापूजा महोत्सव की मूर्तियों का विसर्जन जहां बड़ा तालाब में किया गया वहीं कुछ ने मां शाकम्भरी जाकर मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित किया।
