Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी छुट्टी पर जाने से सरकारी कामकाज पर असर पड़ रहा है। अधिकारी व कर्मचारी के छुट्टी पर रहने की वजह से फरियादियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार साल के आखरी माह में उपार्जित अवकाश सी.एल. लेप्स होने के कारण सरकारी कर्मचारी और अधिकारी छ़ुट्टी पर चले जाते है। अकेले जिला कलेक्ट्रेट में करीब आधा दर्जन कर्मचारी और अधिकारी छुट्टी पर चल रहे है। इससे कलेक्ट्रेट का भी काम प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा जिला कलेक्ट्रेट में कई विभागों में भी अधिकारी व कर्मचारी अवकाश लेप्स होने के डर से छुट्टी पर चले गए है। बहरहाल यह है सरकारी दफ्तरों की दास्तान, जो सीधे जनता से जुड़े हुए है। इधर, प्रदेश में सत्ता बदल गई हो, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों की कामकाज शैली में अभी तक कोई बदलाव नहीं आया है। सत्ता बदलने का अहसास जनता को सरकारी अधिकारी व कर्मचारी करवाते आ रहे है। सत्ता बदले दो सप्ताह से ज्यादा समय हो गया, लेकिन सीकर में किसी भी दफ्तर स्तर पर जनता को सत्ता बदलने का अहसास नहीं हो पाया है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि साल का अंतिम माह चल रहा है, जिससे अफसर और कर्मचारी छुट्टियां बनाने में मशगूल है। कुछ इसी प्रकार की स्थिति शेखावाटी के सबसे बड़े कल्याण चिकित्सालय में है। यहां भी करीब एक दर्जन चिकित्सक छुट्टियों पर है, इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी चिकित्सकों के छुट्टी पर होने पर अधिकांश मरीजों को निजी चिकित्सकों के पास उपचार के लिए जाना पड़ रहा है।
