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चौधरी कुंभाराम किसान फाउंडेशन सीकर की ओर से आदर्श पब्लिक स्कूल में चौधरी कुंभाराम की जयंती समारोह में आयोजित वर्ग चेतना शिविर को संबोधित करते हुए चौधरी कुंभाराम किसान फाउंडेशन राजस्थान की संस्थापक गायत्री आर्य ने कहा कि चौधरी कुंभाराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तभी उनके लिए हमारी सच्ची श्रद्धांजली होगी। चौधरी कुंभाराम बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे, राजनेता, समाज सुधारक, साहित्यकार एवं प्रखर वक्ता थे तथा साथ ही एक राजनेता कृषक हितैषी और आंदोलक के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कृषक हितों के लिए सामंती तत्वों से जीवनपर्यंत घोर संघर्ष किया। आगे चलकर सत्ता से समाहित होकर कृषकों के हित में अनेक कानून बनाए एवं सदियों पीडि़त कृषक वर्ग को राहत दिलाने के लिए वे निरंतर प्रयास करते रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुंभाराम आर्य के सबसे छोटे पुत्र एवं चौ.कुंभाराम फाउंडेशन की प्रदेश संगठन सचिव एमजे सुंडा ने कहा कि उन्होंने सरकार से लडक़र कृषकों को एक्ट के तहत उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलवाकर किसानों के लिए सच्चे हितेषी की भूमिका निभाई। कृषकों के हितों के लिए उन्होंने जीवनपर्यंत लड़ाई लड़ी तथा सरकार द्वारा सुनवाई नहीं करने पर कई बार उन्होंने सरकार को इस्तीफे तक सौंपने पड़े एवं आखिर में किसान हित मे उनके जिद के आगे सरकार को हर बार झुकना पड़ा। फाउंडेशन के महासचिव गोविंद चौधरी ने कहा कि आर्य सर्वहारा वर्ग के नेता थे अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग तो उन्हें अपना मसीहा मानते थे। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुभाष मील ने अपने उद्बोधन में कहा कि आर्य एक लेखक आर्थिक विश्लेषक, स्वतंत्रता सेनानी, किसान मसीहा एवं आर्य समाजी थे। चौधरी कुंभाराम किसान फाउंडेशन, सीकर के उपाध्यक्ष बीएल मील ने बताया कि कार्यक्रम में जयपुर जिला अध्यक्ष शारदा चौधरी, प्रदेश महासचिव सरोज चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा रणवां, जाट महासभा जिला अध्यक्ष रतन सिंह पिलानिया आदि ने भी अपने संबोधन में आर्य को सच्चा किसान हितेषी बताते हुए उनके पद चिन्हों पर चलकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। वहीं पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंली अर्पित की गई।
