Archive Notice: This article was originally published on 12 अप्रैल 2018.
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जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने सम्बन्धित अधिकारियों से कहा है कि वे जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति में पंजीबद्ध प्रकरणों का समयबद्धता से निस्तारण करना सुनिश्चत करें ताकि परिवादी को राहत मिल सके। उन्होंने परिवादी मुकेश कुमार सुलियावास के आबादी क्षेत्र में आवासीय भूमि का पट्टा के प्रकरण में उपखण्ड अधिकारी दांतारामगढ़ को लम्बित आवेदन पत्र में उचित निर्णय कर पालना रिर्पोर्ट भिजवाने, विजय कुमार सीकर नगर परिषद को जब तक भूमि का टाईटल क्लियर नहीं हो तब तक विवादित भूमि पर निर्माण कार्य नहीं किए जाने फूलसिंह सामोता ने डार्क जोन घोषित किए जाने के बावजूद अवैध ट्यूब वैल निर्माण करवाये जाने के परिवाद में उपखण्ड अधिकारी नीमकाथाना को न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत करने सुलतान मीरन ने कटान शुदा रास्ता खुलवाने में तहसीलदार लक्ष्मणगढ़ को  251 में कार्यवाही कर उसकी एक प्रति जिला कलेक्टर कार्यालय में भिजवाने, हनुमान प्रसाद शर्मा डांसरोली ने गांव में पेयलज समस्या का निराकरण के सम्बन्ध में तहसीलदार दांतारामगढ़ व विकास अधिकारी को  जिस समय पेयजल सप्लाई शुरू की जाए उस समय लीकेज की जांच करने व पेयजल सुचारू रूप से पहुंच रहा है कि रिर्पोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए। बैठक में कानाराम भीमा ने प्रधानमंत्री आवास योजना की द्वितीय किश्त दिलवाने , जीवण सिंह कटराथल ने  बस स्टैण्ड के सामने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने मुकेश राड बीदासर ने गारण्टी समय में टूटी सड़क को दुरूस्त कराने, गीगा लाल कुमावत शिश्यू ने नाले से अतिक्रमण हटाने, नरेन्द्र कुमार तिडो़की छोटी ने विद्युत कनेक्शन जारी करवाने, द्वारर्केश शर्मा शमपुरा (खण्डेला) ने काडेडी जोहड़ी में रा.उ. मा. वि. रामपुरा के नये भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करने, फुलचन्द कासरड़ा ने विधि विरूद्व नामान्तरण को निरस्त करवाने सहित  21 प्रकरणों पर सम्बन्धित अधिकारियों से चर्चा कर, जांच कर निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने समस्त उपखण्ड अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री जनसंवाद में पेयजल समस्याएं प्राप्त हुई थी उनका निराकरण करने के लिए अपने स्तर पर कमेटी की बैठक आयोजित कर पेयजल टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करवायें।
जिला कलेक्टर ने कहा कि बाल विवाह संवेदनशील मामला है। इसमें किसी भी स्तर पर ढ़िलाई नहीं बरती जाए। बाल विवाहों की रोकथाम के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपखण्ड अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावी कार्यवाही कर बाल विवाह की कुरीति की रोकथाम की जाए। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को बताएं। उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 13 के तहत र्कायवाही की जाए।   जिला कलेक्टर ने कहा कि बाल विवाह के आयोजन को लेकर शुरू से ही विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि इनको समय पर रोका जा सके और इसमें शामिल लोगों पर त्वरित कार्यवाही हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कर्मिक इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल विवाह आयोजन की अंतिम समय में सूचना देने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसलिए बाल विवाह होने की जानकारी मिलने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत करवाए, ताकि समय पर कार्यवाही की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड स्टॉफ बाल विवाह आयोजन होने की स्थिति में अपने विभागीय अधिकारियों को तुरंत सूचना दें। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग का फील्ड स्टाफ सर्तक रहकर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए दी गई जिम्मेदारियों का बेहतर समन्वय के साथ निर्वहन किया जावे, ताकि ऎसे आयोजनों को समय रहते रोका जा सके। जिले में 14 अप्रेल को आयोजित ग्राम सभाओं में भी बाल विवाह रोकथाम के बारे मे बताया जाए। उन्होंने कहा कि  ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत र्कामिक एवं जनप्रतिनिधि भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में आमजन को जानकारी दें। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल विवाह की सूचना देने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए साथ ही अधिकारी और कर्मचारी किसी शादी समारोह में शिरकत करने से पहले यह तय कर लें कि वह शादी बाल विवाह तो नहीं है। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया एवं पीपल र्पूणिमा पर समाज में प्रचलित बाल विवाह की कुरीति की रोकथाम के लिए ग्रामीण स्तर पर कार्यरत र्कामिकों के दल गठित किए गए हैं। इस दल में संबंधित ग्राम की स्कूल प्रधानाध्यापक, भू अभिलेख निरीक्षक, पटवारी, ग्राम सेवक, ए.एन.एम., आंगनबाडी कार्यकर्ता तथा साथिनी सहयोगिनी को शामिल किया गया है। दल में शामिल र्कामिक अपने अपने क्षेत्र का सतत भ्रमण करेंगे। गांव में किसी प्रकार की रंगाई पुताई होने, किन्ही बच्चे-बच्चियों ने मेंहदी लगा रखी हो, स्कूल से बच्चे अनुपस्थित हो, किसी परिवार ने बेण्ड, ढोल, जीप, पंडित, बस या अन्य कोई वाहन आदि बुक करा रखें हो तो पता लगाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रस्तावित विवाह नाबालिग बच्चों का तो नहीं है। विवाह नाबालिग का होन पर तत्काल इसकी सूचना संबंधित उपखण्ड मजिस्टे्रट, कार्यपालक मजिस्टे्रट अथवा निकटतम पुलिस स्टेशन को देना सुनिश्चित करेंगे। जिले के विभिन्न अंचलों में अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा व अन्य अवसरों पर बड़ी संख्या में बाल विवाहों के आयोजन की संभावना के मद्देनजर प्रिटिंग पे्रस मुद्रकों, संचालक दुकानदारों, टेंट व्यवासायी व लाइट डेकोरेशन व्यसायियों तथा विवाह स्थल मालिकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं इसके तहत जिले में विवाह निमंत्रण पत्र मुद्रण करने वाले सभी प्रिंटिंग प्रेस एवं दुकानदारों को उनके द्वारा मुद्रित किए जाने वाले विवाह के निमंत्रण पत्रों के संबंध में वर-वधू का आयु संबंधी प्रमाण पत्र लेकर जन्मतिथि अथवा आयु का अंकन निमंत्रण पत्र पर करना होगा। इसके अलावा निमंत्रण पत्र पर बाल विवाह अपराध है एवं विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष तथा लड़के की आयु 21 वर्ष अनिवार्य है  का उपयुक्त स्थान पर अंकन भी करना होगा। सभी टेंट एवं लाइट डेकोरेशन व्यवसायियों, विवाह स्थल के मालिक को इस आशय की सूचना अपने कार्यस्थल पर प्रर्दशित करेंगे कि बाल विवाह अपराध है एवं विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष व लड़के की आयु 21 वर्ष अनिवार्य है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयप्रकाश, सीईओ सुखवीरसिंह चौधरी, एसीईओ अनुपम कायल, उपखण्ड अधिकारी धोद भावना गर्ग, एसीपी मनोज गर्वा सहित संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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