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उदयपुरवाटी. कस्बे में शीतलाष्टमी के अवसर पर नवविवाहिताओं ने कुम्हार के घर से मिट्टी अपने घर ले जाकर बड़ी गणगौर तैयार की है। सोमवार को पुरानी सब्जी मंडी में कजोड़ मल कुमावत की दुकान से दर्जनों नवविवाहिताओं ने मिट्टी ले जाकर बड़ी गणगौर तैयार की है। आजकल मंगल गीतों के साथ में डीजे के साथ में कुम्हार के घर से मिट्टी ले जाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। नवविवाहिताएं होली के साथ ही गणगौर की पूजा शुरू करती है। प्रतिदिन सुबह गणगौर की पूजा अर्चना करती है। सोलह दिन के पर्व में शीतलाष्टमी के दिन मिट्टी की गणगौर तैयार करके उनके बान-बंदौरे निकालने का दौर शुरू हो जाता है। नवविवाहिताओं के साथ में युवतियां 16 दिन तक गणगौर का पूजन करती है। सोलह दिन बाद में गणगौर की सवारी निकलने के साथ ही गणगौर को कुआ-बावड़ी में वित्सर्जन करते है। इसके साथ ही नवविवाहिताओं का 16 दिवसीय गणगौर पर्व का समापन हो जाता है।
