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Haryana Weather Update : हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। बता दे की आज सुबह से ही प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवजाही शरू हो गई है। प्रदेश में राजस्थान सीमावर्ती इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है।
जिससे सामान्य जीवन और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है। वर्तमान में, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और भिवानी सहित राज्य के कई क्षेत्रों में आसमान में बादल छाए हुए हैं।
पिछले 24 घंटों में मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में औसत न्यूनतम तापमान में मामूली रूप से 0.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, फिर भी यह सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है, जिससे रातें अभी भी असामान्य रूप से ठंडी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, मौसम में यह अस्थिरता अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है, तेज हवाएं (25-35 किमी प्रति घंटे) और दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इस बदलती मनोदशा को देखते हुए, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने और फिलहाल नई बुवाई और कटाई बंद करने की सलाह दी है।
कल एक नया पश्चिमी विक्षोभ होगा
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 14 अप्रैल तक मौसम आम तौर पर शुष्क लेकिन परिवर्तनशील रहेगा। 12 अप्रैल की रात को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
इसके प्रभाव के कारण 13-14 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। हवा की गति और दिशा अलग-अलग होगी। दिन के तापमान में मामूली वृद्धि होगी और रात के तापमान में कमी आएगी। यह परिवर्तन आने वाले दिनों में भी सुबह और शाम को ठंडा रख सकता है।
किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम विभाग ने राज्य में बारिश की चेतावनी जारी की है। किसानों को अगले 3-4 दिनों के लिए सरसों की कटाई और कपास की बुवाई बंद करने के लिए कहा गया है।
किसानों से कहा गया है कि वे कटाई की गई फसल को रस्सियों से अच्छी तरह से बांधकर रखें ताकि तेज हवाओं के कारण फसल खेत में न बिखरे।
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए गर्मियों की सब्जियों जैसे भिंडी, लौकी, खीरा और ग्वार की बुवाई से फिलहाल बचना चाहिए।
इसी तरह अगले 4 दिनों तक मूंग और उड़द की बुवाई न करें। गेहूँ की फसल अगर निकलने की सोच रहे है तो अच्छे से ध्यान रखें।
