पिलानी लिखवा शराब ठेके फायरिंग: 25-25 हजार के दो ईनामी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की 750 किमी पीछा कार्रवाई, 500 CCTV विश्लेषण के बाद बड़ी सफलता
झुंझुनूं जिले के पिलानी थाना क्षेत्र के ग्राम लिखवा शराब ठेके पर हुई फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।
25-25 हजार रुपये के ईनामी मुख्य आरोपी
- सचिन उर्फ कालु मेघवाल
- अक्षय पंडित उर्फ माकड
को पुलिस ने 750 किलोमीटर तक पीछा कर गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देशन में कई विशेष टीमों द्वारा की गई।
वारदात: फायरिंग, धमकी और रंगदारी की मांग
दिनांक 21 नवंबर 2025, शाम 7:30 बजे दो बदमाश मोटरसाइकिल से शराब ठेके पर पहुंचे।
शूटरों ने—
- पिस्टल निकालकर 2 फायर शराब की बोतलों पर
- 4 हवाई फायर खुले स्थान में किए
- ठेके पर बैठे कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी
आरोपी लाईनदार कागज देकर गए जिसमें लिखा था:
“ठेके में हिस्सेदारी या 1 लाख रुपए मंथली दो, नहीं तो जो भी सैल्समैन मिलेगा उसकी मौत की जिम्मेदारी खुद की होगी।”
यह घटना इलाके में दहशत फैलाने और ठेकों से रंगदारी वसूली की साजिश का हिस्सा थी।
पुलिस की कार्रवाई: 10 टीम, 500 CCTV, 750 KM पीछा
घटना के बाद तुरंत ही—
- FSL टीम
- मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट
- 10 विशेष पुलिस टीमें
मुल्जिमों की तलाश में लगाई गईं।
पुलिस की प्रमुख कार्रवाइयाँ:
- 500 CCTV फुटेज का विश्लेषण
- 200 से अधिक CDR का अध्ययन
- राजस्थान–हरियाणा के कई शहरों में दबिश
- 750 किमी तक लगातार पीछा
- मंड्रेला, राजगढ़, हिसार, रोहतक, दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम तक तलाश
टीमें दिन-रात जुटी रहीं और अंततः सफलता मिली।
पहले दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे
- हिमांशु जाट (नरहड़)
- पंकज उर्फ टोनी (इस्माइलपुर)
दोनों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
मुख्य आरोपी अक्षय पंडित की गिरफ्तारी
तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम बुवानी खेड़ा (हरियाणा) पहुँची।
यहाँ आरोपी अक्षय पंडित अपने रिश्तेदार के खेत में बने मकान में छुपा मिला।
पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अक्षय हरियाणा के महम में भी ठेकों पर फायरिंग के मामलों में फरार चल रहा था।
मुख्य आरोपी सचिन कालु की गिरफ्तारी
अक्षय पंडित की जानकारी पर पुलिस ने
पिलानी-पाथड़िया रोड की पहाड़ी पर दबिश दी।
यहाँ सचिन उर्फ कालु को पीछा कर पकड़ा गया।
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में वारदात कबूल की।
वारदात का उद्देश्य: गैंग बनाकर आतंक और रंगदारी वसूली
पुलिस के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम—
- गैंग बनाकर इलाके में आतंक फैलाने
- शराब ठेकों से रंगदारी वसूली
- वर्चस्व स्थापित करने
की सुनियोजित कार्रवाई थी।
अधिकारियों की भूमिका
यह सफलता निम्न अधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में मिली:
- विकास धींधवाल (RPS), वृताधिकारी चिड़ावा
- देवेन्द्र सिंह राजावत (RPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
- चंद्रभान (थानाधिकारी पिलानी)
- एजीटीएफ चिड़ावा, साइबर सेल, कई थाना टीमें
अगली कार्रवाई
दोनों मुख्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और हथियार सप्लायर्स की तलाश में जुटी है।