फर्जी नियुक्ति पत्र से 19 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
झुंझुनूं | नौकरी का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 19 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पचेरी कलां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी शेरसिंह योगी उर्फ सुभाष को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले प्रकरण के मुख्य मुल्जिम रूद्रनारायण को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देशानुसार,
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत (RPS) के मार्गदर्शन एवं
वृताधिकारी बुहाना नोपा राम भाकर (RPS) के सुपरविजन में की गई।
थानाधिकारी बनवारीलाल (पचेरी कलां थाना) के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
दिनांक 07 दिसंबर 2024 को परिवादी अनिल कुमार (43) निवासी पचेरी कलां ने न्यायालय खेतड़ी में इस्तगासा पेश किया था।
परिवादी ने बताया कि
- आरोपी शेरसिंह उसका रिश्तेदार है
- अच्छे पारिवारिक संबंधों का फायदा उठाकर
- सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया गया
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर की ठगी
आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए और कुछ के सरकारी सेवा में होने का दावा कर भरोसा जीता।
इसके बाद
- परिवादी के पुत्र विशाल – ₹6 लाख
- बहन के पुत्र निखिल – ₹6 लाख
- साले के पुत्र गजेन्द्र – ₹7 लाख
कुल ₹19 लाख रुपये लेकर
मुख्य अभियंता, जन संसाधन विभाग, राजस्थान जयपुर के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए
- बैंक रिकॉर्ड खंगाले
- दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए
- पहले मुख्य आरोपी रूद्रनारायण को गिरफ्तार किया
इसके बाद जिला जेल झुंझुनूं से प्रोडक्शन वारंट पर आरोपी
शेरसिंह योगी उर्फ सुभाष (60 वर्ष) निवासी काकड़ा, थाना पचेरी कलां को गिरफ्तार किया गया।
अनुसंधान जारी
पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और
अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।