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चूरू, जिले में बरसात या अन्य कारणों से कटी हुई फसल के खराबे की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
किन्हें सूचना देनी है?
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा करवाया है,
और कटाई के बाद खेत में फसल को बंडल बनाकर रखा था,
वहीं किसान फसल खराबे की रिपोर्ट कर सकते हैं।
कहां करें शिकायत?
3 तरीकों से शिकायत दर्ज करवा सकते हैं:
- टोल फ्री नंबर:
14447 - क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप
- WhatsApp चैटबोट:
7065514447
जरूरी दस्तावेज और जानकारी
- आधार कार्ड
- पंजीकृत मोबाइल नंबर
- बीमा पॉलिसी नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- खेत में फसल की स्थिति (कटाई के बाद)
- बारिश की तिथि
ध्यान रखें: थ्रेसिंग के बाद या खड़ी फसल के नुकसान पर शिकायत मान्य नहीं है।
अधिकारी का बयान
संयुक्त कृषि निदेशक राजकुमार कुलहरी ने बताया:
“कटाई के बाद बारिश से बर्बाद हुई फसल का नुकसान दर्ज करवाना ही बीमा क्लेम का आधार बनेगा। गलत या देर से दी गई जानकारी पर सर्वे नहीं होगा।“
कौन से खेतों का सर्वे होगा?
- खेत में कट कर रखी फसल हो
- बारिश के कारण ही खराबा हुआ हो
- खड़ी फसल या थ्रेसिंग के बाद नहीं होगा सर्वे
