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सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय ने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब परिसर की लाइटें रात 8 बजे बंद कर दी जाएंगी।
पहले विश्वविद्यालय परिसर में शाम 6:30 बजे से रात 10:30 बजे तक अधिकांश लाइटें चालू रहती थीं। नई व्यवस्था लागू होने से बिजली की खपत में बड़ी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद लिया निर्णय
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार राय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिजली, तेल और अन्य संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील के बाद यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि पर्यावरण और राष्ट्रहित से जुड़ी जिम्मेदारी भी है।
“यदि प्रत्येक व्यक्ति छोटी-छोटी सावधानियां अपनाए तो बड़े स्तर पर संसाधनों की बचत संभव है।” प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय
कर्मचारियों और शिक्षकों को दिए निर्देश
इस संबंध में विश्वविद्यालय की कुलसचिव श्चेता यादव ने आदेश जारी करते हुए सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यालयों और कमरों से बाहर जाते समय लाइट, पंखे और एसी अनिवार्य रूप से बंद करें।
साथ ही परिसर में केवल आवश्यकता अनुसार ही बिजली उपकरणों के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।
हर महीने 20 प्रतिशत बिजली बचत का अनुमान
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस पहल से हर माह कुल विद्युत खर्च में करीब 20 प्रतिशत तक बचत हो सकती है।
प्रशासन ने इसे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से सहयोग की अपील की है।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल बिजली बचत में मदद करेगी, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।
शेखावाटी विश्वविद्यालय का यह कदम अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
