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सीकर नगर परिषद क्षेत्र में खाली पड़े भूखण्डों में फैल रही गंदगी को लेकर अब परिषद ने सख्ती शुरू कर दी है। वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि शहर के कई इलाकों में खाली भूखण्डों की दीवारें नीची होने के कारण लोग उनमें कचरा डाल रहे हैं।
इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और नगर परिषद को लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
परिषद पर बढ़ रहा अतिरिक्त खर्च
वरिष्ठ आयुक्त ने बताया कि नगर परिषद को इन भूखण्डों की सफाई के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने पड़ रहे हैं, जिससे परिषद पर आर्थिक भार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हित को देखते हुए सभी भूखण्डधारियों को नोटिस जारी कर अपने भूखण्डों की नियमित सफाई और दीवारें ऊंची करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
“यदि भूखण्डों में गंदगी और कचरा पाया गया तो परिषद स्वयं सफाई करवाकर पूरा खर्च संबंधित भूखण्डधारी से वसूलेगी।” शशिकांत शर्मा, वरिष्ठ आयुक्त
सार्वजनिक नोटिस के जरिए दी गई सूचना
नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि सभी भूखण्डधारियों को व्यक्तिगत नोटिस देना संभव नहीं है। इसलिए सार्वजनिक सूचना के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
परिषद ने भूखण्ड मालिकों से जल्द से जल्द साफ-सफाई और सुरक्षा दीवारें ऊंची करवाने की अपील की है।
अधिग्रहण की कार्रवाई भी हो सकती है
नगर परिषद सीकर ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के बाद भी यदि भूखण्डों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो परिषद संबंधित भूखण्ड पर अधिग्रहण की कार्रवाई करते हुए वहां नगर परिषद का बोर्ड लगाएगी।
इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित भूखण्डधारी की होगी।
शहर में स्वच्छता बनाए रखने पर जोर
नगर परिषद का कहना है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और आमजन को राहत देने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। परिषद ने लोगों से सहयोग करने और अपने खाली भूखण्डों की नियमित देखरेख करने की अपील की है।
