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राजस्थान के चूरू जिले में जहां खारा पानी लंबे समय तक खेती और रोजगार के लिए चुनौती माना जाता था, वहीं अब यही खारा पानी किसानों के लिए कमाई का नया साधन बन रहा है। सरकार की योजनाओं और तकनीकी सहायता के जरिए जिले में झींगा पालन (श्रिम्प फार्मिंग) किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बन रहा है।
राजगढ़ की किसान सुमित्रा पूनिया बनीं मिसाल
राजगढ़ तहसील की लसेड़ी ग्राम पंचायत के गांव श्योपुरा निवासी किसान सुमित्रा पूनिया ने खारे पानी की समस्या को अवसर में बदलते हुए झींगा पालन व्यवसाय शुरू किया।
सुमित्रा बताती हैं कि क्षेत्र में भूगर्भीय खारा पानी होने के कारण पारंपरिक खेती और अन्य रोजगार के अवसर सीमित थे। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही थी।
योजना के तहत मिला 16.63 लाख रुपये का अनुदान
झींगा पालन की जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने खेत में झींगा पालन शुरू किया और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अनुदान के लिए आवेदन किया।
वर्ष 2025-26 में उन्हें पौंड निर्माण एवं आवर्ती लागत पर कुल 16 लाख 63 हजार 344 रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ।
इस आर्थिक सहयोग ने व्यवसाय को मजबूती प्रदान की और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद की।
सालाना 10 लाख रुपये तक की शुद्ध आय
सुमित्रा पूनिया के अनुसार झींगा पालन से उन्हें वर्तमान में करीब 10 लाख रुपये वार्षिक शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।
यह आय न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है।
10 लोगों को मिला रोजगार
झींगा पालन इकाई के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
खारा पानी अब अभिशाप नहीं, अवसर
सुमित्रा पूनिया का कहना है कि जो खारा पानी कभी क्षेत्र के लिए अभिशाप माना जाता था, वह अब सरकार की योजनाओं और सहयोग से आय और रोजगार का स्रोत बन गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ रही संभावनाएं
मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि चूरू, राजगढ़ और आसपास के खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन की अपार संभावनाएं हैं। उचित प्रशिक्षण और सरकारी सहायता से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
प्रमुख बिंदु
- चूरू के राजगढ़ क्षेत्र में झींगा पालन से बढ़ रही किसानों की आय।
- किसान सुमित्रा पूनिया को मिला 16.63 लाख रुपये का अनुदान।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिली सहायता।
- झींगा पालन से सालाना करीब 10 लाख रुपये की शुद्ध आय।
- लगभग 10 लोगों को मिला प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार।
- खारे पानी को कमाई के अवसर में बदला गया।
