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रतनगढ़ फायरिंग कांड का खुलासा: रोहित गोदारा गैंग के 3 सहयोगी गिरफ्तार
रतनगढ़। रतनगढ़ पुलिस ने व्यापारी के घर पर फायरिंग कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के तीन सक्रिय सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गैंग को शरण देने, हथियार उपलब्ध कराने और रंगदारी नेटवर्क को संचालित करने में सहयोग कर रहे थे।
14 मई को व्यापारी के घर हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार वार्ड नंबर 21 रेलवे घूमचक्कर निवासी सुनील कुमार प्रजापत (48) ने 14 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे वे अपने घर की ऊपरी मंजिल के पोर्च में टहल रहे थे, तभी दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे।
एक बदमाश ने हथियार तानते हुए धमकाया, जबकि दूसरे ने कहा कि रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण द्वारा मांगी गई एक करोड़ रुपये की रंगदारी उनके परिवार ने नहीं भेजी है। इसके बाद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए।
मामले में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं से खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए चूरू पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम की मॉनिटरिंग में जांच तेज की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतपाल सिंह और सीओ इनसार अली के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने विदेशी नंबरों से आई कॉल्स की जानकारी जुटाने के लिए सोशल मीडिया एजेंसियों से रिकॉर्ड मंगवाए। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर गैंग के स्थानीय नेटवर्क की जानकारी एकत्र की गई।
तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं
- नरेंद्र सिंह चारण (73) निवासी बोबासर चारणान, सुजानगढ़
- संतदास स्वामी (70) निवासी लूणकरणसर क्षेत्र, बीकानेर
- गीता देवी (68) पत्नी संतदास स्वामी
पुलिस ने तीनों को 28 मई 2026 को गिरफ्तार किया।
ऐसे काम करता है गैंग का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग के स्थानीय सहयोगी ज्वैलर्स, व्यापारियों और अन्य संपन्न लोगों की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे गैंग सरगनाओं तक पहुंचाते हैं।
इसके बाद विदेश से कॉल कर रंगदारी की मांग की जाती है। रकम नहीं देने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी गैंग के सदस्यों को शरण देने, रंगदारी की राशि के ट्रांसपोर्टेशन, हथियार सप्लाई करने और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराने में शामिल थे।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में रतनगढ़ थानाधिकारी गौरव खिड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में सुभाष चंद, जगदीश, मुकेश, दीनदयाल और महिला कांस्टेबल आशा शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों की तलाश की जा रही है।
