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नीमकाथाना की भूदोली पंचायत में मनरेगा कार्यों में लापरवाही उजागर
सीकर जिले की ग्राम पंचायत भूदोली (नीमकाथाना) में
मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
लोकपाल (मनरेगा) हरिराम द्वारा जांच में कई स्तरों पर लापरवाही पाई गई।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित कार्मिकों ने:
- राज्य सरकार के आदेशों की समय पर पालना नहीं की
- कार्यों में लापरवाही बरती
- श्रमिकों का भुगतान समय पर नहीं किया गया
साथ ही ग्राम विकास अधिकारी की निगरानी में भी कमी पाई गई।
रिकॉर्ड में गड़बड़ी और नियमों का उल्लंघन
जांच में सामने आया कि:
- कनिष्ठ सहायक ने साप्ताहिक अवकाश (गुरुवार) को भी श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करवाई
- कनिष्ठ तकनीकी सहायक ने माप पुस्तिका में आवश्यक विवरण दर्ज नहीं किए
यह सभी कार्य नियमों के विरुद्ध पाए गए।
तीन कार्मिकों पर जुर्माना
इन अनियमितताओं के आधार पर
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 25 के तहत कार्रवाई की गई।
- कैलाश चंद्र सैनी (ग्राम विकास अधिकारी) – ₹500 जुर्माना
- बनवारी लाल (कनिष्ठ सहायक) – ₹1000 जुर्माना
- प्रदीप कुमार मीणा (कनिष्ठ तकनीकी सहायक) – ₹1000 जुर्माना
सभी को भविष्य में नियमों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेट की आईडी ब्लॉक और ब्लैकलिस्ट के निर्देश
लोकपाल ने विकास अधिकारी, पंचायत समिति नीमकाथाना को निर्देश दिए हैं कि
- साप्ताहिक अवकाश के दिन उपस्थिति दर्ज करने वाले मेट भंवानी मीणा की आईडी तुरंत ब्लॉक की जाए
- संबंधित व्यक्ति को ब्लैकलिस्ट किया जाए
15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश
लोकपाल ने सख्ती दिखाते हुए
15 दिनों के भीतर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
“निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित कर प्रमाण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।” – लोकपाल
प्रशासन की सख्ती से बढ़ेगी पारदर्शिता
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब मनरेगा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे जिले में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
