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अनुसूचित जाति परिवारों को मिलेगा ऋण और अनुदान, आवेदन शुरू
सीकर, अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के तहत विभिन्न योजनाओं में ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम, जयपुर के निर्देशानुसार यह योजना वित्तीय वर्ष में संचालित की जा रही है।
कौन कर सकता है आवेदन?
जिला प्रबंधक प्रियंका पारीक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी और अनुसूचित जाति वर्ग का सदस्य होना अनिवार्य है।
इसके अलावा:
- आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक होने पर प्राथमिकता दी जाएगी।
- आवेदक किसी बैंक, निगम या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
- पूर्व में अनुजा निगम की किसी योजना में अनुदान प्राप्त नहीं किया हो।
किन योजनाओं के लिए मिलेगा ऋण?
योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कई स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
इनमें शामिल हैं:
- लघु व्यवसाय स्थापना
- ऑटोरिक्शा एवं ई-रिक्शा खरीद
- डेयरी विकास के लिए उन्नत नस्ल की गाय या भैंस पालन
- व्यापार एवं सेवा क्षेत्र के लिए मुद्रा ऋण योजनाएं
इस पहल का उद्देश्य युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
योजना के लिए आवेदन पत्र पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।
- शहरी क्षेत्र के आवेदक संबंधित नगरपालिका, नगर परिषद या नगर निगम से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक संबंधित पंचायत समिति से आवेदन पत्र प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करवा सकते हैं।
कहां मिलेगी अधिक जानकारी?
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं सहायता के लिए इच्छुक अभ्यर्थी अनुजा निगम कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर, सीकर में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क कर सकते हैं।
पात्र परिवारों के लिए बड़ा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम-अजय योजना अनुसूचित जाति परिवारों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे छोटे व्यवसाय, डेयरी और परिवहन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
