Property New Rules: जब भी आप कोई मकान फ्लैट या किसी भी तरह की संपत्ति खरीद रहे हो तो ध्यान रखने की जरूरत है कि सिर्फ रजिस्ट्री करा लेने से वह जमीन या संपत्ति आपकी नहीं होगी। साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया जिसके बाद यह साफ हो गई है कि सिर्फ रजिस्ट्री से आप उसके मालिक नहीं होंगे। संपत्ति का मालिक आना हक पाने के लिए रजिस्ट्री के साथ-साथ म्यूटेशन बहुत जरूरी है।
म्यूटेशन होने के बाद ही राजस्व विभाग में संपत्ति वाले व्यक्ति का नाम उसे संपत्ति के मालिक के साथ आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी कुछ समय पहले ही एक केस में या फैसला सुनाया है।
मालिकाना हक साबित करने के लिए इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
किसी भी संपत्ति पर अपना मलिक आना हक या ओनरशिप साबित करने के लिए सिर्फ रजिस्ट्री काफी नहीं है बल्कि इसके लिए अन्य डॉक्यूमेंट की भी जरूरत पड़ेगी। इसमें सबसे जरूरी मदर डिड होता है। मदर डिड बताती है कि उसे व्यक्ति के पास यह संपत्ति कहां से आई और व्यक्ति से पहले किसके पास संपत्ति का अधिकार था। मदर डिड होने से संपत्ति का पूरा इतिहास पता चलता है।
इसके बाद आपके पास डॉक्यूमेंट एंकेम्ब्रेन्स प्लॉट होता है। इस डॉक्यूमेंट की मदद से पता चलता है की संपत्ति पर कितना लोन है या फिर कोई कानूनी पचरा तो नहीं है। इसके बाद जरूरी दस्तावेज म्यूटेशन यानी कि भुगतान खारिज होता है। म्यूटेशन मिलने के बाद ही सरकारी दस्तावेजों में आपके जमीन का रिकॉर्ड शामिल किया जाएगा।
कोई भी जमीन खरीदते समय अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लीजिए। आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपको मुश्किलों में फंसा सकती है।