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Churu News: परीक्षा से वंचित छात्र को 53 हजार फीस लौटाने का आदेश

Churu permanent lok adalat orders college to refund student fees

प्रवेश पत्र नहीं देने पर कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई

चूरू, स्थाई लोक अदालत चूरू ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में छात्र के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कॉलेज प्रशासन को फीस वापसी और मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
मामला प्रवेश पत्र नहीं देकर परीक्षा से वंचित किए जाने से जुड़ा है।


परिवाद स्वीकार, कॉलेज को आदेश

स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष इंदू पारीक एवं सदस्य रघुवीर सिंहरिसाल देवी ने परिवाद स्वीकार करते हुए
नेहरू टीटी कॉलेज, तारानगर एवं उसके संस्थापक को प्रार्थी को फीस लौटाने का आदेश दिया।


क्या है पूरा मामला

प्रार्थी लक्ष्मण कुमार, निवासी चलकोई बणीरोतान, की ओर से पैरवी कर रहे
एडवोकेट सांवरमल स्वामी ने बताया कि—

  • लक्ष्मण कुमार ने वर्ष 2022 में पीटीईटी परीक्षा पास की
  • उसे दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के लिए नेहरू टीटी कॉलेज, तारानगर आवंटित हुआ
  • उसने प्रथम वर्ष की फीस के रूप में ₹27,050 कॉलेज में जमा करवाई

दूसरी वर्ष की फीस लेकर नहीं दी रसीद

परिवाद के अनुसार:

  • वर्ष 2022-23 में प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण लिया गया
  • जून 2023 तक परीक्षा आयोजित नहीं हुई
  • इसके बाद दबाव बनाकर द्वितीय वर्ष की फीस ₹26,780 ले ली गई
  • लेकिन फीस की रसीद नहीं दी गई

परीक्षा से वंचित, फीस लौटाने से इनकार

जब प्रार्थी का कोर्ट लिपिक परीक्षा में चयन हो गया, तो उसने फीस वापसी की मांग की।
कॉलेज प्रशासन ने:

  • फीस लौटाने से इनकार किया
  • 1 जुलाई 2023 को पिता के साथ दुर्व्यवहार कर उन्हें कॉलेज से बाहर निकाल दिया

अदालत का अंतिम आदेश

स्थाई लोक अदालत ने आदेश दिया कि

  • वर्ष 2022-23 की फीस ₹27,050
  • वर्ष 2023-24 की फीस ₹26,780

कुल ₹53,880
10 जुलाई 2023 से 6% वार्षिक ब्याज सहित प्रार्थी को अदा की जाए

इसके अलावा:

  • मानसिक क्षतिपूर्ति ₹20,000
  • परिवाद व्यय ₹10,000

भी कॉलेज प्रशासन द्वारा भुगतान किया जाएगा।


शिक्षा संस्थानों को सख्त संदेश

इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र में छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा