गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण से उभर रही नई प्रतिभाएं
कोड चूरू कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि
चूरू, जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा की अनूठी पहल कोड चूरू कार्यक्रम में इनरोल दो विद्यार्थियों—मयंक शर्मा और लक्ष्मी जांगिड़—का चयन प्रतिष्ठित IIT मद्रास में हुआ है।
यह उपलब्धि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए नई दिशा और प्रेरणा लेकर आई है।
तकनीकी शिक्षण से बदल रहा जिले का शैक्षणिक परिदृश्य
कोड चूरू कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को
- कोडिंग,
- प्रोग्रामिंग,
- डेटा साइंस,
- तकनीकी करियर मार्गदर्शन
जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिला कलेक्टर सुराणा ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा—
“जब प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिलता है, तो वे किसी भी क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं।”
IIT मद्रास में प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन
- मयंक शर्मा (राउमावि सिरसला)
- लक्ष्मी जांगिड़ (राउमावि रामदेवरा)
दोनों विद्यार्थियों ने डेटा साइंस और प्रोग्रामिंग कार्यक्रम की प्रवेश परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया।
दोनों को जिला प्रशासन की ओर से लैपटॉप भी उपलब्ध कराया गया था, जिसका उनके अध्ययन में बड़ा योगदान रहा।
“कोड चूरू ने दी नई दिशा”: मयंक शर्मा
सिरसला निवासी मयंक ने बताया कि पहले उनका लक्ष्य एनडीए था, लेकिन कोड चूरू से जुड़ने के बाद उनकी रुचि तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती गई।
उन्होंने कहा—
“कोड चूरू ने जीवन की दिशा बदल दी। लैपटॉप मिलने और निरंतर मार्गदर्शन से मैं रोजाना अभ्यास कर सका। अब मेरा लक्ष्य सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना है।”
मयंक ने 23 नवंबर 2025 को परीक्षा दी और IIT मद्रास में चयन हुआ।
“अब मेरा सपना AI इंजीनियर बनना”: लक्ष्मी जांगिड़
रामदेवरा निवासी लक्ष्मी ने बताया कि पहले वे कॉलेज प्रोफेसर बनना चाहती थीं, लेकिन कोड चूरू ने उनकी तकनीकी समझ और करियर संभावनाएं विस्तारित कीं।
लक्ष्मी ने कहा—
“कोड चूरू की टीम ने तकनीकी क्षेत्र के इतने अवसर बताए कि अब मेरा लक्ष्य AI इंजीनियर बनना है।”
उन्होंने 26 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित परीक्षा में भाग लिया और IIT मद्रास में चयन प्राप्त किया।
कोड चूरू बना जिले की तकनीकी क्रांति का केंद्र
कोड चूरू की टीम वर्तमान में—
- मीटिंग मैनेजमेंट सिस्टम
- स्कूल लाइब्रेरी मैनेजमेंट
- विभिन्न वेबसाइट विकास
जैसे प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है।
यह कार्यक्रम जिले के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।