चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने बुधवार को आपणी योजना कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित जिला निष्पादन समिति की बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की।
विद्यालयों में सीखने का अनुकूल वातावरण
जिला कलक्टर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूलों का वातावरण सीखने के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों का नियमित मूल्यांकन किया जाए।
परीक्षा परिणाम और बच्चों की रूचि पर ध्यान
सुराणा ने कहा कि शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणाम अपेक्षा के अनुरूप हों और विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि का विश्लेषण करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
शैक्षणिक और सह–शैक्षिक गतिविधियों में सुधार
जिला कलक्टर ने कहा कि अधिकारी और शिक्षक विद्यालय विकास को गति दें, बच्चों के लिए सह–शैक्षिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों और एक पंचायत – एक खेल पहल के तहत खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
विशेष निर्देश और मॉनीटरिंग
सभी सीबीईओ को ब्लॉक स्तर पर तुलनात्मक विश्लेषण करने और कोड-चूरू कार्यक्रम की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में गुणात्मक और संख्यात्मक परीक्षा परिणामों में सुधार, नामांकन बढ़ाना, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत और इको क्लब एवं आरआरआर सेंटर की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में सीडीईओ संतोष महर्षि ने रूपरेखा प्रस्तुत की और विभागीय प्रगति साझा की। इसके अलावा डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश प्रजापत, एडीपीसी सरिता आत्रेय, मनोज सोलंकी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।